तेलंगाना के सूर्यापेट में बस-कंटेनर टक्कर: 6 की मौत, 20 घायल; PM मोदी और उपराष्ट्रपति ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में हैदराबाद-विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर बुधवार तड़के एक निजी बस के कंटेनर से टकराने से 6 यात्रियों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गहरा दुख व्यक्त किया।
हादसे का घटनाक्रम
बस हैदराबाद से विजयवाड़ा की ओर जा रही थी, जब उसने आगे चल रहे एक कंटेनर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त बस में कुल 42 यात्री सवार थे।
मौके पर पहुँची पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लिया और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए विजयवाड़ा रेफर किया गया।
PM मोदी और उपराष्ट्रपति की संवेदनाएँ
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'तेलंगाना के सूर्यापेट में हुए दुखद सड़क हादसे से बहुत दुख हुआ। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा, 'तेलंगाना के सूर्यापेट में हुए हादसे के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं।'
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की प्रतिक्रिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव को घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का तत्काल निर्देश दिया।
आम जनता और यात्रियों पर असर
यह हादसा उस व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को जोड़ता है और जिस पर रोज़ाना हजारों यात्री आवाजाही करते हैं। गौरतलब है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों और यात्री बसों के बीच टकराव की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। तीन गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर अभी भी नज़र रखी जा रही है।
आगे की स्थिति
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, तड़के के वक्त कम रोशनी और संभावित लापरवाही हादसे की वजह हो सकती है, हालाँकि आधिकारिक जाँच अभी जारी है। राज्य सरकार ने घायलों के इलाज की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है।