10 अगस्त 2026
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राजगढ़ में उफनते नाले में बही वैन: 3 बच्चों समेत 9 की मौत, चेतावनी के बाद भी चला ड्राइवर

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राजगढ़ में उफनते नाले में बही वैन: 3 बच्चों समेत 9 की मौत, चेतावनी के बाद भी चला ड्राइवर

सारांश

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में सोमवार सुबह एक वैन उफनते झिरी नाले में बह गई — चेतावनी दी गई थी, फिर भी ड्राइवर आगे बढ़ा। तीन बच्चों समेत नौ लोगों की जान गई। मुख्यमंत्री यादव ने ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया।

मुख्य बातें

10 अगस्त को राजगढ़ जिले की पचोर-सारंगपुर रोड पर झिरी नाले में वैन बहने से 9 लोगों की मौत , 2 बचे ।
मृतकों में 3 बच्चे और 2 महिलाएँ शामिल; सभी देवास जिले के धनसाद गाँव के निवासी थे।
ग्रामीणों और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद ड्राइवर मुकेश सिंह ने जलभराव वाले रास्ते से वैन आगे बढ़ाई।
घटनास्थल पर 30 फुट का पुल निर्माणाधीन था; अधूरे पुल के ऊपर से पानी बह रहा था।
SDERF ने बचाव अभियान चलाया; क्रेन से वैन बाहर निकाली गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹4 लाख मुआवजे का ऐलान किया।

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार, 10 अगस्त की सुबह करीब 9.30 बजे एक दर्दनाक हादसे में 11 यात्रियों से भरी वैन उफनते झिरी नाले के तेज बहाव में बह गई, जिसमें तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। यह हादसा पचोर-सारंगपुर रोड पर पडाना के निकट हुआ। पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी के बावजूद ड्राइवर ने जलभराव वाले रास्ते से वैन आगे बढ़ाई।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के मुताबिक, वैन देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धनसाद गाँव के यात्रियों को लेकर कडलावाद की ओर जा रही थी। झिरी नाले पर बनी पुलिया के ऊपर से भारी बारिश के कारण पानी बह रहा था। ग्रामीणों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने ड्राइवर को वहाँ से न गुजरने की स्पष्ट चेतावनी दी थी, लेकिन ड्राइवर ने इसे अनसुना कर दिया। तेज बहाव ने वैन को पलभर में बहा दिया और वह कुछ ही देर में डूब गई। दो यात्री — मुकेश सिंह (ड्राइवर) और हुकुम सिंह — तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मृतकों की पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान शंकर सिंह (50), उनकी पत्नी सागरबाई, हुकुम सिंह की पत्नी रीनू (28), उनके बेटे राजवीर (3) और जसप्रीत, विशाल चौहान, उनकी पत्नी पूजा (27), ऋषिका और आनंद सिंह के रूप में की है। वैन मुकेश सिंह के नाम पर पंजीकृत थी, जो स्वयं इसे चला रहे थे।

बचाव अभियान

सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पॉन्स फोर्स (SDERF) की टीम मौके पर पहुँची और बचाव कार्य शुरू किया। बाद में क्रेन की सहायता से वैन को नाले से बाहर निकाला गया। सारंगपुर के सब-डिविजनल ऑफिसर ऑफ पुलिस (SDOP) अरविंद सिंह ने बताया कि भारी बारिश के कारण इलाके की नदियाँ और नाले उफान पर थे। सारंगपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है।

अधूरे पुल की भूमिका

अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर झिरी नाले के ऊपर 30 फुट का एक पुल निर्माणाधीन है। भारी बारिश के कारण इस अधूरे पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिससे वहाँ से गुजरना अत्यंत खतरनाक हो गया था। यह तथ्य बुनियादी ढाँचे की कमी और मानसून में अधूरे निर्माण कार्यों के खतरे को उजागर करता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, 'राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर रोड पर बारिश से जुड़े हादसे में यात्रियों की मौत की खबर बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।' यादव ने यह भी बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है। यह हादसा मध्य प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के बीच हुआ, जब राज्य के कई हिस्सों में नदियाँ और नाले उफान पर थे और निचले इलाकों की सड़कें जलमग्न थीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक चेतावनी है जिसे अनसुना कर दिया गया — शाब्दिक रूप से भी और नीतिगत रूप से भी। ड्राइवर को स्पष्ट रूप से रोका गया था, फिर भी वह आगे बढ़ा; यह सवाल उठाता है कि मानसून के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए प्रशासन के पास कोई बाध्यकारी तंत्र क्यों नहीं था। इससे भी गंभीर बात यह है कि घटनास्थल पर पुल वर्षों से अधूरा पड़ा है — यह मध्य प्रदेश के ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की उस पुरानी कमज़ोरी को उजागर करता है जो हर मानसून में जानलेवा साबित होती है। मुआवजे की घोषणाएँ राहत देती हैं, लेकिन जब तक अधूरे पुलों को प्राथमिकता पर पूरा नहीं किया जाता और बाढ़-प्रवण क्रॉसिंग पर सख्त बैरिकेडिंग नहीं होती, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजगढ़ वैन हादसा क्या है और कब हुआ?
10 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9.30 बजे मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर रोड पर पडाना के पास एक वैन उफनते झिरी नाले में बह गई। वैन में 11 यात्री सवार थे, जिनमें से 9 की मौत हो गई और 2 बच गए।
हादसे में कितने लोग मारे गए और उनकी पहचान क्या है?
हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हुई। मृतकों में शंकर सिंह (50), सागरबाई, रीनू (28), राजवीर (3), जसप्रीत, विशाल चौहान, पूजा (27), ऋषिका और आनंद सिंह शामिल हैं। सभी देवास जिले के धनसाद गाँव के निवासी थे।
क्या ड्राइवर को पहले चेतावनी दी गई थी?
हाँ, पुलिस के अनुसार ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारियों ने ड्राइवर मुकेश सिंह को जलभराव वाले रास्ते से न गुजरने की स्पष्ट चेतावनी दी थी। इसके बावजूद ड्राइवर ने वैन आगे बढ़ाई, जिसके बाद तेज बहाव ने गाड़ी को नाले में बहा दिया। मुकेश सिंह खुद हादसे में बच गए और अस्पताल में भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या राहत घोषित की?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।
घटनास्थल पर अधूरे पुल की क्या भूमिका रही?
झिरी नाले के ऊपर 30 फुट का पुल निर्माणाधीन था। भारी बारिश के कारण इस अधूरे पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिससे वहाँ से गुजरना खतरनाक था। अधिकारियों के अनुसार, यही स्थिति हादसे का प्रमुख कारण बनी।
राष्ट्र प्रेस
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