संजय राउत का आरोप: बागी सांसदों ने दी बम फेंकने की धमकी, मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 25 जून 2026 को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ 'बागी सांसदों' ने उन्हें खुलेआम धमकी दी है कि उनके खिलाफ कुछ बोलने पर 'बम फेंक दिया जाएगा।' राउत ने इस मामले में मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेंद्र भारती को पत्र लिखकर जाँच की माँग की है।
मुख्य आरोप और शिकायत
राउत ने गुरुवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिन सांसदों पर उन्होंने यह आरोप लगाया है, वे खुलेआम 'बम डालने' और 'हत्या करने' जैसी बातें कह रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे बयान अत्यंत गंभीर हैं और इनकी विधिवत जाँच होनी चाहिए। राउत ने कहा, 'मैं इस मामले को लेकर स्वयं न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाऊंगा और इन लोगों के खिलाफ आंदोलन भी करेंगे।'
एकनाथ शिंदे पर निशाना
राउत ने कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया कि इन सांसदों के पास बम कहाँ से आए। उन्होंने पूछा, 'क्या एकनाथ शिंदे ने बम की फैक्ट्री बनाई है? क्या तथाकथित गद्दारों को सुरक्षा के नाम पर बम दिए गए हैं?' उनका यह बयान शिवसेना के उस गुट पर सीधा हमला है जिसने शिंदे के नेतृत्व में पार्टी छोड़ी थी। राउत ने स्पष्ट किया कि वे किसी से नहीं डरते।
एनसीईआरटी और आपातकाल पर प्रतिक्रिया
राउत ने एनसीईआरटी की पुस्तकों में आपातकाल को शामिल किए जाने के फैसले पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि देश में पिछले 12 वर्षों से अघोषित आपातकाल जैसे हालात बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने किसी पार्टी को नहीं तोड़ा और न ही संविधान को समाप्त किया, जबकि आज ऐसा हो रहा है। राउत के अनुसार, आपातकाल पाठ्यक्रम का नहीं बल्कि व्यवस्था का विषय है।
बालासाहेब ठाकरे का संदर्भ
राउत ने यह भी कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने भी आपातकाल का समर्थन किया था, क्योंकि उस दौर में देश में अराजकता का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा नेता खुलेआम सरकार को चुनौती दे रहे थे और जनता को सरकारी आदेशों की अवहेलना के लिए उकसा रहे थे। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में आपातकाल लगाना संविधानसम्मत था।
आगे क्या होगा
राउत ने संकेत दिया है कि वे इस धमकी मामले को न्यायालय तक ले जाएंगे और सड़क पर भी आंदोलन करेंगे। मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र पर पुलिस की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच बढ़ते टकराव की नई कड़ी है।