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संजय राउत के बयान पर भाजपा का पलटवार: 'अपने लोग क्यों छोड़ रहे हैं, यह सोचिए'

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संजय राउत के बयान पर भाजपा का पलटवार: 'अपने लोग क्यों छोड़ रहे हैं, यह सोचिए'

सारांश

संजय राउत के एक बयान ने भाजपा को एकजुट हमले का मौका दे दिया। रोहन गुप्ता से लेकर मुख्तार अब्बास नकवी तक — सभी ने एक ही सवाल दागा: जब अपने ही साथ छोड़ रहे हों, तो दूसरों पर उँगली उठाने का हक कहाँ से आता है?

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के विवादित बयान पर 17 जून 2026 को भाजपा नेताओं ने एकजुट पलटवार किया।
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि राउत ने खुद शिवसेना (यूबीटी) को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाया है।
राम कदम ने कहा कि विधायक, मंत्री, पार्षद और सांसद — सभी पार्टी छोड़ रहे हैं, इसकी वजह राउत को खोजनी चाहिए।
दिनेश शर्मा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को शिवसेना (यूबीटी) में असंतोष की जड़ बताया।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उद्धव ठाकरे का अहंकार और हिंदुत्व विचारधारा से दूरी पार्टी की टूट के दो मुख्य कारण हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने 17 जून 2026 को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। यह विवाद तब उभरा जब महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चाओं के बीच राउत का एक बयान सामने आया। एनडीए नेताओं ने एकस्वर में कहा कि राउत को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय यह विचार करना चाहिए कि उनके अपने लोग पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।

भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा, 'यह उनकी असली सोच को दिखाता है। जो पार्टी बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों पर बनी होने का दावा करती है, वह आज कहाँ खड़ी है? आज वह कांग्रेस के साथ खड़ी है। संजय राउत ने खुद शिवसेना (यूबीटी) को जितना नुकसान पहुँचाया है, उतना किसी दूसरी पार्टी ने नहीं पहुँचाया। वे दूसरी पार्टी के हितैषी बनकर शिवसेना (यूबीटी) को खत्म करने का काम कर रहे हैं।'

भाजपा नेता राम कदम ने राउत पर निशाना साधते हुए कहा, 'यह उनकी आदत है। वे अक्सर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनमें कोई दम नहीं होता। ये आपके ही लोग हैं, फिर भी आप उन्हें रोक नहीं पा रहे हैं। क्या वे स्कूली बच्चे हैं या सांसद? शिकायत करने के बजाय आपको इस बात पर सोचना चाहिए कि आपके अपने लोग क्यों छोड़कर जा रहे हैं? विधायक जा रहे हैं, मंत्री जा रहे हैं, पार्षद जा रहे हैं, सांसद जा रहे हैं — इसके पीछे जरूर कोई वजह होगी।'

उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला

कदम ने आगे कहा कि इस स्थिति के दो मुख्य कारण हैं — उद्धव ठाकरे का अहंकार और बालासाहेब ठाकरे की मूल हिंदुत्व विचारधारा से उनका दूर जाना। गौरतलब है कि 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद से पार्टी के कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि शिंदे गुट में जा चुके हैं।

राज्यसभा सांसदों की राय

भाजपा राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'जिनका अपना काम-काज ही हॉर्स ट्रेडिंग के इर्द-गिर्द घूमता रहा हो और जिनकी नींव जबरन वसूली, दादागिरी और भ्रष्टाचार पर टिकी हो, क्या वे सच में दूसरों पर उँगली उठा सकते हैं? उन्होंने जब से कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है, तब से उनकी पार्टी में असंतोष पनप रहा है।'

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने अपेक्षाकृत संयमित स्वर में कहा, 'यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। हम किसी और के झगड़ों में दखल नहीं देना चाहते।' वहीं भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा किसी की आंतरिक बातों में दखल नहीं देती और एनडीए पहले से ही मजबूत है।

नकवी का तंज: 'धूल चेहरे पर, दर्पण साफ कर रहे हैं'

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखे अंदाज़ में कहा, 'पार्टी ही टूट रही है। अराजकता पर चिंतन नहीं करेंगे, अहंकार में रहेंगे तो झटके झेलने होंगे। धूल और गंदगी चेहरे पर है और दर्पण को साफ करने में लगे हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि उनकी पार्टी में जागीरदारी जख्मी हो चुकी है।' यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल और गठबंधन की पुनर्रचना लगातार चर्चा में है। आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) की आंतरिक एकजुटता और राउत की रणनीतिक भूमिका दोनों ही कसौटी पर रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए प्रतिक्रियाओं की तीव्रता बनाम मूल बयान का अनुपात असंतुलित नज़र आता है। असली सवाल यह है कि क्या शिवसेना (यूबीटी) की आंतरिक दरारें वास्तव में विचारधारात्मक हैं, या सत्ता से दूरी का स्वाभाविक परिणाम — जो भाजपा की आलोचना को सुविधाजनक तो बनाता है, पर पूरी तस्वीर नहीं देता।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत का विवादित बयान क्या था?
स्रोत में राउत के बयान की पूरी विषयवस्तु सार्वजनिक नहीं की गई है। यह बयान महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चाओं के संदर्भ में आया, जिस पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई।
भाजपा नेताओं ने राउत पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा नेताओं ने राउत पर आरोप लगाया कि उन्होंने खुद शिवसेना (यूबीटी) को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाया है। नेताओं ने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन और उद्धव ठाकरे के अहंकार के कारण पार्टी से विधायक, मंत्री, पार्षद और सांसद लगातार जा रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) में टूट के क्या कारण बताए गए?
भाजपा नेता राम कदम के अनुसार दो मुख्य कारण हैं — उद्धव ठाकरे का अहंकार और बालासाहेब ठाकरे की मूल हिंदुत्व विचारधारा से दूरी। दिनेश शर्मा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को भी पार्टी में असंतोष की वजह बताया।
एकनाथ शिंदे गुट में कौन शामिल हो रहे हैं?
रिपोर्टों के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि विधायक, मंत्री, पार्षद और सांसद — सभी स्तरों पर पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) की आंतरिक स्थिरता और एनडीए के विस्तार की कोशिशें राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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