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फडणवीस का कड़ा संदेश: संजय दीना पाटिल की कथित धमकियों पर बोले — 'बम से किसी का घर नहीं उड़ने देंगे'

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फडणवीस का कड़ा संदेश: संजय दीना पाटिल की कथित धमकियों पर बोले — 'बम से किसी का घर नहीं उड़ने देंगे'

सारांश

संजय राउत के पत्र और संजय दीना पाटिल की कथित धमकियों के बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ कहा — 'बम से किसी का घर नहीं उड़ने देंगे।' मुंबई उत्तर-पूर्व में ठाकरे और शिंदे गुट के बीच तनाव चरम पर है और अब सवाल यह है कि पुलिस इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में कितनी तेज़ी से कदम उठाती है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 25 जून को नागपुर में कहा कि राज्य में किसी को भी बम से घर उड़ाने या धमकियों से भय फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को पत्र लिखकर सांसद संजय दीना पाटिल के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की माँग की।
राउत के अनुसार पाटिल ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को बम फेंकने और घर में घुसकर मारने की धमकी दी और 5 लोगों की हत्या करने का दावा किया।
राउत ने एटीएस से पाटिल के घर पर छापा मारने और हत्या का मामला दर्ज करने की भी माँग की।
मुंबई उत्तर-पूर्व में ठाकरे और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 25 जून को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत द्वारा मुंबई पुलिस आयुक्त को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी को भी बम से घर उड़ाने या धमकियों के ज़रिए भय का माहौल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री की चेतावनी

फडणवीस ने कहा, 'हम किसी का घर बम से उड़ने नहीं देंगे और किसी को भी ऐसी खोखली धमकियों से डरने की ज़रूरत नहीं है। यदि कोई धमकी दे रहा है तो पुलिस पूरी तरह सक्षम है और उसे करारा जवाब देगी।' उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और मामले में उचित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राउत के पत्र में क्या था

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को पत्र लिखकर हाल ही में शिंदे गुट में शामिल हुए सांसद संजय दीना पाटिल के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की माँग की है। राउत ने अपने पत्र में कहा कि नागरिकों को अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से सवाल पूछने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है।

राउत ने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़कर गए छह सांसदों को राज्यभर में जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है और इसी क्रम में संजय दीना पाटिल ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को धमकियाँ दी हैं।

कथित धमकियों का विवरण

राउत ने दावा किया कि मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा क्षेत्र में मतदाता पाटिल के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, पाटिल ने कथित तौर पर कहा — 'मुझसे पंगा मत लेना। मेरे खिलाफ प्रदर्शन करने से पहले जीवन बीमा करवा लेना, क्योंकि मैं तुम्हें सीधे कब्रिस्तान या अस्पताल पहुंचा दूंगा। मैंने पहले भी पाँच लोगों की हत्या की है। अगर किसी ने मेरे खिलाफ प्रदर्शन किया तो मैं उस पर बम फेंक दूंगा या उसके घर में घुसकर मार डालूंगा।' इन कथित बयानों के आधार पर राउत ने माँग की है कि पाटिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

इसके अलावा राउत ने आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की मदद से पाटिल के घर पर छापा मारने की भी माँग की। उनका तर्क है कि किसी मौजूदा सांसद द्वारा बम इस्तेमाल करने की धमकी देना बेहद गंभीर मामला है और यदि उनके घर में बम बनाए जा रहे हैं तो इसकी तत्काल जाँच होनी चाहिए।

राजनीतिक टकराव और तनाव

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब मुंबई उत्तर-पूर्व क्षेत्र में ठाकरे और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के बीच पहले से ही राजनीतिक खींचतान चल रही है। गौरतलब है कि शिंदे गुट में जाने वाले सांसदों के खिलाफ राज्यभर में जनता का आक्रोश बढ़ रहा है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल और गहरा हो गया है। यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना विभाजन के बाद से जारी टकराव की एक और कड़ी है।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री फडणवीस के बयान के बाद अब सभी की नज़रें मुंबई पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। पुलिस आयुक्त देवेन भारती को मिले पत्र पर क्या कदम उठाया जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच टकराव को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न राउत की माँग की स्वीकृति — सिर्फ कानून-व्यवस्था का भरोसा। असली परीक्षा मुंबई पुलिस की है, जिसे एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में निष्पक्षता साबित करनी होगी। यदि कथित धमकियाँ सत्यापित होती हैं, तो यूएपीए की माँग कानूनी रूप से कमज़ोर है — लेकिन साधारण धाराओं में भी कार्रवाई न होना विपक्ष को और बड़ा मुद्दा देगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री फडणवीस ने संजय राउत के पत्र पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 25 जून को नागपुर में कहा कि राज्य में किसी को भी बम से घर उड़ाने या धमकियों से भय का माहौल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र में क्या माँग की?
राउत ने सांसद संजय दीना पाटिल के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज करने, उन्हें गिरफ्तार करने और एटीएस से उनके घर पर छापा मारने की माँग की। उन्होंने यह भी माँग की कि पाटिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
संजय दीना पाटिल पर क्या आरोप हैं?
राउत के अनुसार, पाटिल ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को बम फेंकने, घर में घुसकर मारने की धमकी दी और 5 लोगों की हत्या करने का दावा किया। ये आरोप अभी कथित हैं और पुलिस जाँच का विषय हैं।
मुंबई उत्तर-पूर्व में तनाव की वजह क्या है?
शिवसेना से अलग होकर शिंदे गुट में शामिल हुए सांसदों के खिलाफ उनके क्षेत्रों में जनता का विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मुंबई उत्तर-पूर्व में ठाकरे और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के बीच यह राजनीतिक टकराव तनाव का कारण बना है।
क्या पाटिल के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज हो सकता है?
यूएपीए एक कड़ा कानून है जो आमतौर पर आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर लागू होता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, कथित धमकियों के आधार पर यूएपीए का प्रयोग कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, हालाँकि पुलिस अन्य धाराओं में कार्रवाई कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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