संजय राउत ने CM फडणवीस को 'रामरक्षा' कार्यक्रम का दिया न्योता, 19 जुलाई को नागपुर में आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 19 जुलाई, शनिवार को नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में आयोजित होने वाले 'रामरक्षा' कार्यक्रम में सम्मिलित होने का औपचारिक आमंत्रण दिया है। राउत ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए यह निमंत्रण सार्वजनिक किया।
निमंत्रण की पृष्ठभूमि
राउत ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री फडणवीस को 'प्रखर राष्ट्रभक्त और कट्टर हिंदुत्ववादी' बताया। उन्होंने लिखा कि फडणवीस ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया है कि वे अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। राउत ने यह भी कहा कि करोड़ों रामभक्तों की तरह फडणवीस की भी यह इच्छा थी कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बने — और वह सपना अब साकार हो चुका है।
'रामरक्षा' अभियान क्यों शुरू हुआ
राउत ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि कुछ तत्व राम मंदिर को लेकर 'झूठा और भ्रामक प्रचार' कर रहे हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिवसेना (यूबीटी) की ओर से यह 'रामरक्षा' अभियान आरंभ किया गया है। कार्यक्रम शाम 4:30 बजे नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में होगा।
राजनीतिक महत्व
राउत के इस निमंत्रण को महाराष्ट्र की राजनीति में उल्लेखनीय माना जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गहरे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, राउत ने विपक्षी खेमे के मुख्यमंत्री को एक धार्मिक आयोजन में खुले तौर पर आमंत्रित किया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम हिंदुत्व के मुद्दे पर विपक्ष की अपनी साख स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़र इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि वे कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह महाराष्ट्र में सत्तापक्ष और प्रमुख विपक्षी दल के बीच एक असामान्य धार्मिक-सामाजिक मंच पर सहयोग की मिसाल बनेगी।