16 जुलाई 2026
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संजय राउत ने CM फडणवीस को 'रामरक्षा' कार्यक्रम का दिया न्योता, 19 जुलाई को नागपुर में आयोजन

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संजय राउत ने CM फडणवीस को 'रामरक्षा' कार्यक्रम का दिया न्योता, 19 जुलाई को नागपुर में आयोजन

सारांश

राजनीतिक मतभेदों को परे रखते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने CM देवेंद्र फडणवीस को 19 जुलाई को नागपुर में 'रामरक्षा' कार्यक्रम का न्योता दिया है। राम मंदिर पर 'भ्रामक प्रचार' का आरोप लगाते हुए शुरू हुआ यह अभियान महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।

मुख्य बातें

संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 19 जुलाई को नागपुर के रामनगर राम मंदिर में आयोजित 'रामरक्षा' कार्यक्रम में आमंत्रित किया।
राउत ने फडणवीस को पत्र लिखा और एक्स पर पोस्ट के ज़रिए निमंत्रण सार्वजनिक किया।
पत्र में फडणवीस को 'प्रखर राष्ट्रभक्त और कट्टर हिंदुत्ववादी' बताया गया तथा अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन से उनके जुड़ाव का उल्लेख किया गया।
राउत ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व राम मंदिर को लेकर झूठा और भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं।
कार्यक्रम शाम 4:30 बजे आयोजित होगा; फडणवीस का जवाब अभी प्रतीक्षित है।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 19 जुलाई, शनिवार को नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में आयोजित होने वाले 'रामरक्षा' कार्यक्रम में सम्मिलित होने का औपचारिक आमंत्रण दिया है। राउत ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए यह निमंत्रण सार्वजनिक किया।

निमंत्रण की पृष्ठभूमि

राउत ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री फडणवीस को 'प्रखर राष्ट्रभक्त और कट्टर हिंदुत्ववादी' बताया। उन्होंने लिखा कि फडणवीस ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया है कि वे अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। राउत ने यह भी कहा कि करोड़ों रामभक्तों की तरह फडणवीस की भी यह इच्छा थी कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बने — और वह सपना अब साकार हो चुका है।

'रामरक्षा' अभियान क्यों शुरू हुआ

राउत ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि कुछ तत्व राम मंदिर को लेकर 'झूठा और भ्रामक प्रचार' कर रहे हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिवसेना (यूबीटी) की ओर से यह 'रामरक्षा' अभियान आरंभ किया गया है। कार्यक्रम शाम 4:30 बजे नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में होगा।

राजनीतिक महत्व

राउत के इस निमंत्रण को महाराष्ट्र की राजनीति में उल्लेखनीय माना जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गहरे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, राउत ने विपक्षी खेमे के मुख्यमंत्री को एक धार्मिक आयोजन में खुले तौर पर आमंत्रित किया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम हिंदुत्व के मुद्दे पर विपक्ष की अपनी साख स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।

आगे क्या होगा

अब सभी की नज़र इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि वे कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह महाराष्ट्र में सत्तापक्ष और प्रमुख विपक्षी दल के बीच एक असामान्य धार्मिक-सामाजिक मंच पर सहयोग की मिसाल बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अस्वीकार करें तो सवाल उठते हैं। महाराष्ट्र में 2024 विधानसभा चुनाव के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या धार्मिक मंच राजनीतिक खाई को पाट सकता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'रामरक्षा' कार्यक्रम क्या है और यह कहाँ आयोजित होगा?
'रामरक्षा' शिवसेना (यूबीटी) द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य राम मंदिर को लेकर कथित भ्रामक प्रचार का प्रतिकार करना है। यह कार्यक्रम 19 जुलाई, शनिवार को शाम 4:30 बजे नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में आयोजित होगा।
संजय राउत ने CM फडणवीस को क्यों आमंत्रित किया?
राउत ने फडणवीस को इसलिए आमंत्रित किया क्योंकि उन्होंने उन्हें 'प्रखर राष्ट्रभक्त और कट्टर हिंदुत्ववादी' बताया और कहा कि फडणवीस स्वयं अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। राउत ने यह निमंत्रण राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर दिया है।
क्या CM देवेंद्र फडणवीस ने इस निमंत्रण पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से इस निमंत्रण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनकी स्वीकृति या अस्वीकृति महाराष्ट्र की राजनीति में व्यापक चर्चा का विषय बन सकती है।
राउत ने राम मंदिर पर 'भ्रामक प्रचार' का आरोप किस पर लगाया?
राउत ने अपने पत्र में किसी विशेष व्यक्ति या दल का नाम लिए बिना कहा कि 'कुछ तत्व' राम मंदिर को लेकर झूठा और भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं।
इस निमंत्रण का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
शिवसेना (यूबीटी) और BJP के बीच गहरे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद यह निमंत्रण असामान्य माना जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम हिंदुत्व के मुद्दे पर विपक्ष की साख स्थापित करने की कोशिश हो सकती है और फडणवीस के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्थिति पैदा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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