10 अगस्त 2026
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संजय राउत ने 'बागी' सांसद संजय पाटिल पर लगाए जानलेवा धमकी के आरोप, UAPA के तहत गिरफ्तारी की माँग

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संजय राउत ने 'बागी' सांसद संजय पाटिल पर लगाए जानलेवा धमकी के आरोप, UAPA के तहत गिरफ्तारी की माँग

सारांश

शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने 'बागी' सांसद संजय पाटिल पर प्रदर्शनकारियों को जान से मारने और बम फेंकने की कथित धमकी का आरोप लगाया है। राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर ATS तलाशी और UAPA के तहत तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 25 जून 2026 को मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को पत्र लिखकर सांसद संजय पाटिल के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की।
पाटिल पर कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को जान से मारने, बम फेंकने और घरों में घुसकर हत्या करने की धमकी देने के आरोप हैं।
राउत ने माँग की कि ATS पाटिल के आवास की तलाशी ले और उन्हें UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाए।
पाटिल के कथित बयान में उल्लिखित पाँच लोगों की हत्या की जाँच की भी माँग की गई है।
पाटिल शिवसेना-यूबीटी छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हुए छह 'बागी' सांसदों में से एक हैं।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने 25 जून 2026 को मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को एक औपचारिक पत्र लिखकर उत्तर-पूर्व मुंबई के सांसद संजय पाटिल पर प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने माँग की है कि पाटिल के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया जाए।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि संजय पाटिल शिवसेना-यूबीटी छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए थे। इस दल-बदल के बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए। राउत के अनुसार, पाटिल सहित शिवसेना-यूबीटी से अलग हुए छह सांसद देशभर में जनाक्रोश का सामना कर रहे हैं।

कथित धमकियाँ — राउत के आरोप

राउत ने अपने पत्र में पाटिल के कथित बयानों का उल्लेख करते हुए लिखा कि पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर कहा, 'मुझसे पंगा मत लो। मेरे खिलाफ विरोध करने से पहले अपना जीवन बीमा करवा लो। मैं तुम्हें सीधे श्मशान या अस्पताल भेज दूंगा।' राउत के अनुसार, पाटिल ने यह भी कथित तौर पर कहा कि उन्होंने पहले पाँच लोगों को मारा है और विरोध करने वालों पर बम फेंकने व उनके घरों में घुसकर हत्या करने की धमकी दी।

राउत ने इन कथित बयानों को 'आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता का सबूत' बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे जनता की सुरक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएँगे।

राउत की प्रमुख माँगें

पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में राउत ने तीन ठोस माँगें रखीं। पहली — पाटिल के कथित बयान में उल्लिखित पाँच लोगों की पहचान और हत्या के मामले की जाँच। दूसरी — यदि पाटिल के पास बम हैं तो आतंकवाद-रोधी दस्ते (ATS) द्वारा उनके आवास की तत्काल तलाशी। तीसरी — यदि बम किसी आतंकी संगठन से प्राप्त हुए हों तो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला मानते हुए UAPA के तहत गिरफ्तारी।

राजनीतिक जवाबदेही पर राउत का तर्क

राउत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 'विरोध प्रदर्शन और चुने हुए प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है।' उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान किसी राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमला या हत्या होती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी संजय पाटिल पर होगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में दल-बदल की राजनीति को लेकर तनाव चरम पर है।

आगे क्या होगा

मुंबई पुलिस की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राउत ने संकेत दिया है कि पुलिस की निष्क्रियता की स्थिति में वे न्यायिक हस्तक्षेप की माँग करेंगे। इस घटनाक्रम पर सभी पक्षों की नजर टिकी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे अत्यंत गंभीर आपराधिक आरोप हैं — लेकिन अभी तक ये केवल राउत के पत्र पर आधारित हैं, पाटिल का पक्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है। मुंबई पुलिस की चुप्पी भी सवाल खड़े करती है — क्या राजनीतिक दबाव में जाँच धीमी होगी या कानून अपना काम करेगा? UAPA जैसे कड़े कानून की माँग राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में हथियार बनने के खतरे की ओर भी इशारा करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने संजय पाटिल के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
राउत ने आरोप लगाया है कि 'बागी' सांसद संजय पाटिल ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को जान से मारने, बम फेंकने और घरों में घुसकर हत्या करने की धमकी दी। राउत ने इन बयानों को आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता का सबूत बताया है।
राउत ने मुंबई पुलिस से क्या माँगें की हैं?
राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से तीन माँगें की हैं — पाटिल के कथित बयान में उल्लिखित पाँच हत्याओं की जाँच, ATS द्वारा उनके आवास की तलाशी, और UAPA के तहत तत्काल गिरफ्तारी।
संजय पाटिल कौन हैं और वे विवाद में क्यों हैं?
संजय पाटिल उत्तर-पूर्व मुंबई के सांसद हैं जो शिवसेना-यूबीटी छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए। इस दल-बदल के विरोध में मतदाताओं के प्रदर्शन के बाद उन पर धमकी देने के आरोप लगे हैं।
क्या मुंबई पुलिस ने इस पत्र पर कोई कार्रवाई की है?
अभी तक मुंबई पुलिस की ओर से राउत के पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई सामने नहीं आई है। राउत ने कहा है कि निष्क्रियता की स्थिति में वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएँगे।
UAPA क्या है और इसे इस मामले में क्यों माँगा गया है?
गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) एक कड़ा आतंकवाद-रोधी कानून है। राउत ने माँग की है कि यदि पाटिल के पास बम किसी आतंकी संगठन से आए हों, तो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला मानते हुए UAPA लागू किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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