राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत की माँग — चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत 'असली आरोपियों' को गिरफ्तार करो
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 1 जुलाई 2025 को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उनका आरोप है कि अब तक केवल 'छोटी मछलियों' को पकड़ा गया है, जबकि मामले के 'असली आरोपी' अभी भी खुले घूम रहे हैं।
मुख्य आरोप और माँगें
राउत ने सीधे नाम लेते हुए कहा, 'सबसे पहले चंपत राय को गिरफ्तार कीजिए। अनिल मिश्रा को गिरफ्तार कीजिए। गोपाल राय को गिरफ्तार कीजिए। जिन लोगों ने जमीन खरीदी और उसे ट्रस्ट को बेचा, उन्हें गिरफ्तार कीजिए। अयोध्या के मेयर को भी गिरफ्तार कीजिए। आपने सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ा है।'
उन्होंने यह भी माँग की कि इस मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि पूरे देश के सामने सच्चाई आ सके।
'राम द्रोह' और हिंदुत्व पर तीखा सवाल
राउत ने इस विवाद को 'राम द्रोह' की संज्ञा देते हुए कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर को लूटा है, उन्होंने भगवान राम के साथ-साथ पूरे देश के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने तंज कसा, 'अगर यही काम किसी और ने किया होता तो पूरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सड़कों पर उतर आती और कहती कि हिंदुत्व खतरे में है — तो क्या अब हिंदुत्व के चार चांद लग रहे हैं?'
सर्वदलीय जांच समिति की माँग
राउत ने सुझाव दिया कि राम मंदिर ट्रस्ट में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित किसी भी समिति में सभी राजनीतिक दलों का एक-एक प्रतिनिधि होना चाहिए। उनके अनुसार, 'यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का मामला है। राम मंदिर हमारे हिंदुस्तान का एक राष्ट्रीय प्रतीक है और उसी को लूट लिया गया।'
आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने 'राम द्रोह' किया है, उनके खिलाफ उनकी पार्टी आंदोलन का रास्ता भी अपना सकती है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की पुरज़ोर माँग दोहराई।
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक होती है या नहीं, यह इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगा।