10 अगस्त 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: नीरज कुशवाहा की SIT रिपोर्ट की बारीक जांच की माँग, संजय राउत का BJP पर तीखा हमला

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: नीरज कुशवाहा की SIT रिपोर्ट की बारीक जांच की माँग, संजय राउत का BJP पर तीखा हमला

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया है। नीरज कुशवाहा ने सिंधी समाज के चांदी के वृक्ष के गायब होने का आरोप लगाया, तो संजय राउत ने BJP को 'नए गजनवी' कहकर घेरा। सरकार ने एसआईटी रिपोर्ट का हवाला देकर सफाई दी।

मुख्य बातें

नीरज कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सिंधी समाज द्वारा भेंट किए गए चांदी के वृक्ष का कोई अता-पता नहीं है।
कुशवाहा ने माँग की कि मंदिर में बोर्ड और मॉनिटर के ज़रिए चढ़ावे का रोज़ाना हिसाब जनता को दिया जाए।
शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने BJP को 'बाबर और महमूद गजनवी' की संज्ञा देते हुए मंदिर लूट का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक होगी।
एमएलसी सचिन अहीर ने कहा कि लोग भगवान को भी नहीं छोड़ रहे, खुलासे का कोई अर्थ नहीं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने 24 जून 2026 को नई राजनीतिक बहस छेड़ दी, जब कई दलों के नेताओं ने मंदिर में चढ़ावे की पारदर्शिता और एसआईटी जांच को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए। नीरज कुशवाहा से लेकर शिव सेना (यूबीटी) के सांसदों तक, इस विवाद ने विपक्ष को सत्ता पक्ष पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।

नीरज कुशवाहा की माँगें

नीरज कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सिंधी समाज की ओर से भेंट किए गए चांदी के वृक्ष का कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि मंदिर में ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे चढ़ावे का रोज़ाना हिसाब जनता को दिया जाए।

कुशवाहा ने सुझाव दिया कि इसके लिए बोर्ड और मॉनिटर की व्यवस्था की जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि चढ़ावे का उपयोग कहाँ हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती, तो 'आने वाले दिनों में सरकार के लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।'

संजय राउत का BJP पर तीखा प्रहार

शिव सेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस देश में चोरों के खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं होती। राउत ने तंज कसते हुए कहा, 'भाजपा की ओर से कहा जाता है कि सोमनाथ मंदिर को गजनवी ने लूटा और अयोध्या को बाबर ने लूटा — अब भाजपा में ही बाबर और महमूद गजनवी पैदा हो गए हैं।'

उन्होंने यह भी कहा, 'जिस राम मंदिर के लिए हम लोगों ने खून बहाया, उस मंदिर को भाजपा के महमूद गजनवी की ओर से लूटा जा रहा है। सब मुंह, कान और आंख बंद करके बैठे हैं।' यह बयान विपक्ष की ओर से अब तक के सबसे तीखे हमलों में से एक माना जा रहा है।

शिव सेना (यूबीटी) के एमएलसी का बयान

शिव सेना (यूबीटी) के एमएलसी सचिन अहीर ने कहा कि खुलासा करने का कोई मतलब नहीं रह गया है, क्योंकि लोग भगवान को भी नहीं छोड़ रहे। उनका यह बयान संक्षिप्त लेकिन तीखा था, जो विपक्ष की निराशा को दर्शाता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर में सोने या फंड से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईटी ने इस मामले की जांच कर ली है और रिपोर्ट जल्द ही जनता के सामने आएगी।

सामंत के अनुसार, एसआईटी की जांच इस विवाद को सुलझाने में सहायक होगी। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब राम मंदिर राष्ट्रीय आस्था का केंद्र बना हुआ है और किसी भी अनियमितता की खबर राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है।

आगे क्या होगा

एसआईटी रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि चढ़ावे से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। विपक्षी दल पारदर्शिता की माँग पर अड़े हैं, जबकि सत्ता पक्ष एसआईटी की जांच को पर्याप्त बता रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह विपक्ष की उस रणनीति को दर्शाता है जो मंदिर ट्रस्ट की पारदर्शिता को BJP की कथनी और करनी के बीच की खाई के रूप में स्थापित करना चाहती है। एसआईटी रिपोर्ट को 'क्लीन चिट' बताना तभी विश्वसनीय होगा जब रिपोर्ट सार्वजनिक हो — अभी तक वह नहीं हुई। चढ़ावे की पारदर्शिता की माँग जायज़ है और इसे राजनीतिक रंग देने से बचा जाना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
यह विवाद राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे — सोना, चांदी और नकद — की पारदर्शिता और उसके उपयोग को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। नीरज कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सिंधी समाज द्वारा दिए गए चांदी के वृक्ष का कोई हिसाब नहीं है।
नीरज कुशवाहा ने सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
नीरज कुशवाहा ने माँग की है कि मंदिर में बोर्ड और मॉनिटर लगाकर चढ़ावे का रोज़ाना हिसाब जनता को दिया जाए और यह भी बताया जाए कि चढ़ावे का उपयोग कहाँ किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
संजय राउत ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि BJP में ही 'बाबर और महमूद गजनवी' पैदा हो गए हैं और राम मंदिर को BJP के लोग लूट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस देश में चोरों के खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं होती।
एसआईटी जांच में क्या सामने आया है?
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत के अनुसार, एसआईटी ने इस मामले की जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट जल्द जनता के सामने आएगी। हालांकि, रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
राम मंदिर BJP की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में से एक है, इसलिए चढ़ावे से जुड़ा कोई भी विवाद पार्टी के लिए संवेदनशील है। विपक्ष इस मुद्दे को पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल के रूप में उठाकर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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