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क्या शिवसेना ने संजय राउत पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है?

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क्या शिवसेना ने संजय राउत पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है?

सारांश

शिवसेना ने संजय राउत के विवादास्पद बयानों पर आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी ने मुंबई पुलिस से राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिससे राजनीतिक माहौल में और गर्माहट आ गई है। क्या ये बयान देश में अराजकता फैलाने का इरादा रखते हैं?

मुख्य बातें

शिवसेना ने संजय राउत के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।
बयान को भड़काऊ और अराजकता फैलाने वाला माना गया है।
मुंबई पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।

मुंबई, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल में फैली हिंसा पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा की जा रही बयानबाजी के चलते शिवसेना ने आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिवसेना ने विशेष रूप से संजय राउत के उन बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आपत्ति जताई, जिनमें नेपाल की घटनाओं को भारत से जोड़कर दिखाया गया और यह संकेत दिया गया कि यहां भी ऐसी ही अराजकता फैल सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने शिकायत-पत्र में कहा कि राउत ने नेपाल में हुई हिंसा के फुटेज प्रसारित कर और यह कहकर कि भारत में भी इसी प्रकार की स्थिति बन सकती है, स्पष्ट रूप से देश में अराजकता फैलाने के इरादे जाहिर किए हैं।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनके द्वारा किया गया पोस्ट भड़काऊ तो है ही, एक तरह से प्रधानमंत्री के लिए धमकी भी है।

शिवसेना ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के नाम पत्र में लिखा, "नेपाल में हुई हिंसा के फुटेज प्रसारित करके और यह कहकर कि भारत में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो सकती है, संजय राउत ने देश में अराजकता फैलाने के अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा किया गया पोस्ट भड़काऊ तो है ही, एक तरह से प्रधानमंत्री के लिए धमकी भी है। चूंकि हम इस बात को लेकर आश्वस्त हो चुके हैं कि लोकतांत्रिक तरीकों से राजनीति में टिकना संभव नहीं है, इसलिए अब देश में अशांति और अराजकता फैलाने के कई लोगों के राष्ट्र-विरोधी इरादे बार-बार सामने आ रहे हैं।"

"लोकतंत्र के सभी स्तंभों, यानी चुनाव आयोग, न्यायपालिका, प्रशासन और मीडिया, पर अविश्वास जताकर अराजकता फैलाने के इरादे पहले भी उजागर हो चुके हैं। शहरी नक्सली प्रवृत्तियां भी अक्सर सिर उठाने की कोशिश करती रहती हैं। राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही राष्ट्र-विरोधी गतिविधियां कभी सफल नहीं होंगी। देश की जनता ऐसी प्रवृत्तियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। लेकिन साथ ही, ऐसी राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी प्रवृत्तियों को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं है। हिंसा का समर्थन करने वालों और भारत में भी ऐसी ही हिंसा फैलाने की धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।"

शिवसेना ने पत्र में आगे कहा, "यह अनुरोध है कि हिंसा का समर्थन करने और नेपाल जैसी अराजकता फैलाने की धमकी देने वाले संजय राउत के खिलाफ कार्रवाई की जाए।"

इस मौके पर शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा, शिवसेना सचिव संजय मोरे, विधायक तुकाराम काटे, शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम, शिवसेना प्रवक्ता शीतलताई म्हात्रे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जरूरी है कि हम राजनीतिक बयानों को गंभीरता से लें। संजय राउत के बयान पर शिवसेना की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि राजनीतिक माहौल में विचारों की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। देश का हित सर्वोपरि होना चाहिए।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत के बयान का क्या असर हो सकता है?
उनके बयान से राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है और देश में अराजकता फैलने का खतरा पैदा हो सकता है।
शिवसेना ने राउत के खिलाफ क्यों कार्रवाई की मांग की?
क्योंकि राउत के बयान में हिंसा को भड़काने और अराजकता फैलाने का इरादा स्पष्ट है।
क्या यह मामला न्यायालय में जाएगा?
अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो शिवसेना न्यायालय जाने का विकल्प चुन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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