फडणवीस बनेंगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री — राउत का दावा, सीएम ने किया सिरे से खारिज
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को एक बार फिर दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में दिल्ली जाएंगे। फडणवीस ने इन अटकलों को सख्ती से नकारते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र की राजनीति में बने रहेंगे।
राउत का दावा और तर्क
मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दायरे से बाहर के किसी व्यक्ति को मंत्रालय सौंपना चाहिए। उन्होंने 1991 के आर्थिक सुधारों का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी डॉ. मनमोहन सिंह को सौंपी थी — एक ऐसे विशेषज्ञ को जो उस क्षेत्र में सक्षम थे।
राउत ने कहा, 'शिक्षा मंत्रालय नंदन नीलेकणि जैसे किसी व्यक्ति को दिया जाना चाहिए। लेकिन अगर आप देवेंद्र फडणवीस के बारे में सोच रहे हैं, तो वे एक उपयुक्त विकल्प हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं पूरे भरोसे के साथ कहता हूं कि चाहे वे कितना भी इनकार करें, वे ही अगले केंद्रीय शिक्षा मंत्री होंगे।'
फडणवीस की स्वायत्तता पर सवाल
राउत ने तर्क दिया कि फडणवीस का महाराष्ट्र में रहने का फैसला उनके अपने हाथ में नहीं है। उन्होंने 2022 की घटना का हवाला दिया जब फडणवीस को उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार करना पड़ा था। राउत का आरोप था, 'जब उनका पद घटाया गया, तो आदेश सीधे मोदी और शाह की ओर से आए थे। भाजपा में आत्मसम्मान या योग्यता कहां है? अगर देश के शिक्षा मंत्री का चयन योग्यता के आधार पर किया जाना है, तो देवेंद्र फडणवीस ही वह नाम हैं जो अभी पीएम मोदी के मन में है।'
मौजूदा शिक्षा नीतियों पर हमला
राउत ने मौजूदा शिक्षा नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि संघ समर्थित व्यवस्था देश को पीछे ले जा रही है। उनका कहना था, 'गरीबों के बच्चे इस बेकार शिक्षा व्यवस्था में पढ़ रहे हैं जबकि नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं।' उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल को आधुनिक शिक्षा का दौर बताते हुए कहा कि IIT और IIM जैसे संस्थान उसी प्रगतिशील सोच की देन हैं।
राउत ने आरोप लगाया, 'पिछले दस वर्षों में भाजपा ने इस आधुनिक सोच को खत्म कर दिया और देश को प्राचीन काल में धकेल दिया। भाजपा ने अपना ध्यान गौशालाओं, चाय बेचने और पकौड़े तलने तक सीमित कर दिया है। देश की आधुनिक शैक्षिक नींव को बर्बाद करने के लिए भाजपा को माफी मांगनी चाहिए।'
विपक्ष की अगली रणनीति
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक बयान पर पलटवार करते हुए राउत ने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं ने एक चिंगारी जलाई है और शिंदे को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। राउत ने घोषणा की कि मुंबई के शिवाजी पार्क में हुई सभा के बाद विपक्ष का अगला प्रदर्शन ठाणे में होगा — जो शिंदे का राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
राउत ने यह भी कहा कि विपक्ष संसद में विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और कथित तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर सरकार से कड़े सवाल पूछेगा और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। यह राजनीतिक टकराव आने वाले हफ्तों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।