देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र जाने की अटकलें एक वाक्य में खारिज कीं, बावनकुले ने भी अफवाहें नकारीं
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार, 11 जुलाई को राष्ट्रीय राजनीति में स्थानांतरण की बढ़ती अटकलों को एक संक्षिप्त और चतुराई भरे जवाब से खारिज कर दिया। जब पत्रकारों ने उनसे नई दिल्ली में किसी बड़ी नेतृत्व भूमिका की संभावना पर सवाल किया, तो उन्होंने सपाट लहजे में कहा, 'मैं तो बस परसों ही दिल्ली गया था' — और इससे आगे कोई टिप्पणी करने से बचे।
अटकलों का स्रोत क्या है
अफवाहों की इस नई लहर की शुरुआत शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के बयानों से हुई। राउत ने दावा किया कि यदि फडणवीस केंद्र में जाते हैं, तो राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले उनके उत्तराधिकारी के रूप में सबसे प्रबल दावेदार होंगे।
राउत ने कहा, 'अगर मुख्यमंत्री फडणवीस केंद्र में जाते हैं तो राज्य की कमान चंद्रशेखर बावनकुले के हाथ में आ जाएगी। वह सभी से बातचीत करते हैं और जानते हैं कि टीम को एकजुट कैसे रखा जाए। असल में, खुद सीएम फडणवीस ही बावनकुले के नाम की सिफारिश करेंगे।'
राउत के अन्य दावे
राउत ने मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर भी टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की वापसी की किसी भी संभावना को स्पष्ट रूप से नकार दिया। उन्होंने कहा, 'एकनाथ शिंदे दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे — बिल्कुल नहीं। वहीं दूसरी ओर, गिरीश महाजन का ट्रैक रिकॉर्ड भी बहुत खराब रहा है।'
राउत ने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि यदि फडणवीस दिल्ली जाते हैं तो उन्हें सर्वोच्च पद का लक्ष्य रखना चाहिए — 'अगर वह 2029 से पहले प्रधानमंत्री बनते हैं तो हमें खुशी होगी। महाराष्ट्र के साथी होने के नाते हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उद्धव ठाकरे ने भी फडणवीस को शुभकामनाएं दी हैं, और विपक्ष का मानना है कि 2029 के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में वापस नहीं आएगी।
आदित्य ठाकरे की भविष्यवाणी
राउत के बयान हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे द्वारा की गई टिप्पणियों से मेल खाते हैं। ठाकरे ने कहा था कि यह सत्र मुख्यमंत्री के रूप में फडणवीस का आखिरी होगा। उन्होंने दावा किया था, 'मुख्यमंत्री फडणवीस को दिल्ली में मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। उनका हाल भी शिवराज सिंह चौहान जैसा ही होगा' — मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के केंद्रीय कैबिनेट में जाने का संदर्भ देते हुए।
बावनकुले की सफाई
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने लिखा, 'अभी अफवाहों का बाजार गर्म है। इसे पूरी तरह से बेबुनियाद बात ही कहा जा सकता है। एक सच बिल्कुल साफ है: महाराष्ट्र के 14 करोड़ लोगों की इच्छा है कि देवेंद्र फडणवीस 2034 तक मुख्यमंत्री बने रहें। किसी को भी मुख्यमंत्री बनने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।'
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन सरकार के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं नई नहीं हैं। विपक्ष लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि BJP का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को एक निश्चित कार्यकाल के बाद केंद्र में खींच लेता है — जैसा कि शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह के मामले में हुआ। हालांकि, फडणवीस के संक्षिप्त जवाब और बावनकुले की स्पष्ट सफाई से संकेत मिलता है कि महायुति नेतृत्व फिलहाल राज्य के कामकाज पर केंद्रित है। आने वाले महीनों में BJP का केंद्रीय नेतृत्व जो संकेत देगा, वही इस अटकलबाजी की दिशा तय करेगा।