देवेंद्र नाथ महतो 9 दिन के अनशन के बाद अस्पताल में भर्ती, विधानसभा घेराव में पुलिस लाठीचार्ज
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को सोमवार, 10 अगस्त की शाम तबीयत बिगड़ने के बाद रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और इसी हालत में विधानसभा घेराव में शामिल हुए थे। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
विधानसभा तक पालकी में पहुँचे महतो
जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस से विधानसभा ले जाया जा रहा था, लेकिन जगन्नाथपुर मंदिर के पास प्रशासन ने एंबुलेंस रोक दी। इसके बाद उनके समर्थकों ने कपड़े और डंडों से बनी पालकी तैयार कर उन्हें कंधों पर उठाकर विधानसभा के निकट तक पहुँचाया। वह शाम तक वहीं धरने पर बैठे रहे।
पुलिस और छात्रों में धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज
विधानसभा घेराव के बाद शाम करीब 6:30 बजे जब छात्र और अभ्यर्थी वापस लौट रहे थे, तब छात्रों और प्रशासन के बीच नोकझोंक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रशासन द्वारा सड़क खाली करने के निर्देश के बावजूद प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसी धक्का-मुक्की में देवेंद्र नाथ महतो को भी चोट लगी।
अस्पताल में उपचार जारी, हालत गंभीर
चोट लगने और स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद देवेंद्र नाथ महतो को सदर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने तत्काल उनका आकलन किया और ऑक्सीजन सपोर्ट शुरू किया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी में है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी तक किसी बड़ी चोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में छात्र और अभ्यर्थी अपनी माँगों को लेकर लगातार सड़क पर हैं। देवेंद्र नाथ महतो इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। गौरतलब है कि 9 दिनों की भूख हड़ताल के बाद भी वह शारीरिक रूप से कमज़ोर हालत में आंदोलन में शामिल रहे, जो उनके समर्थकों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया। आगे उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र बनी रहेगी।