संजय राउत का महायुति सरकार पर हमला: मानसून में मुंबई इंफ्रास्ट्रक्चर की दुर्दशा पर फडणवीस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोमवार, 6 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर तीखा प्रहार किया और मानसून के दौरान मुंबई के बुनियादी ढाँचे की बदहाली को लेकर कड़े सवाल उठाए। राउत ने आरोप लगाया कि शहर की वास्तविक स्थिति विकास के दावों से बिल्कुल उलट है और इसके लिए सत्ताधारी गठबंधन की भ्रष्टाचारपूर्ण कार्यशैली ज़िम्मेदार है।
मुख्यमंत्री को रेनकोट पहनकर दौरे की चुनौती
राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को रेनकोट पहनकर शहर में निकलना चाहिए और भारत की आर्थिक राजधानी की असली तस्वीर देखनी चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'ये विकास का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन अगर राज्य के लोग दलाली और कमीशन का चरम स्तर देखना चाहते हैं, तो उन्हें मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक का दौरा करना चाहिए।'
राउत ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि मिसिंग लिंक पर केवल दो गड्ढे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि वह सड़क पूरी तरह ढह चुकी है। उनके अनुसार यह स्थिति भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का सीधा नतीजा है, और सरकार ने ठेकेदारों से पहले ही 30-35 प्रतिशत एडवांस कमीशन वसूल लिया है।
शिंदे और बीएमसी पर निशाना
राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तंज कसा और कहा कि वे 'विकास के अपच' के कारण जुपिटर अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्होंने फडणवीस और शिंदे गुट पर महाराष्ट्र में 'दुर्योधन-शैली' का शासन स्थापित करने का आरोप लगाया।
बीएमसी के प्रशासन पर राउत ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नियंत्रण में है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मीठी नदी की सफाई एक बड़ा घोटाला बन चुकी है, जिसके लाभार्थी वे ठेकेदार हैं जो BJP को चंदा देते हैं।
भाजपा के आरोपों पर पलटवार
BJP द्वारा ठाकरे-MNS गठबंधन के 25 साल के BMC शासन पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में राउत ने कहा कि BJP खुद 12 साल से सत्ता में है। उन्होंने कहा, 'नतीजे दिखाने के लिए चार दिन भी काफी होते हैं। इन साढ़े चार सालों में आपने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को पूरी तरह लूटकर उसे ठेकेदार राज के हवाले कर दिया है।'
मंदिर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर आरोप
राउत ने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने मंदिरों की रक्षा का दावा करके वोट लिए, लेकिन राम मंदिर, केदारनाथ और बद्रीनाथ में भ्रष्टाचार में लिप्त लोग BJP से ही जुड़े हैं। इसके अलावा, उन्होंने गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण में करोड़ों के घोटाले का भी आरोप लगाया। गौरतलब है कि महायुति सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या
मानसून के बीच मुंबई के बुनियादी ढाँचे को लेकर विपक्ष का दबाव बढ़ता जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब BMC चुनाव की संभावित तारीखें नज़दीक आ रही हैं और शहर की सड़कों व जल-निकासी व्यवस्था की स्थिति एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनती दिख रही है।