एनसीपी को मजबूत करेंगे, पर नेताओं की भाजपा में एंट्री नहीं: CM देवेंद्र फडणवीस का साफ ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 30 अप्रैल 2026 को मुंबई में एक स्थानीय टीवी चैनल के कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट को मजबूत करने में हर संभव मदद देगी, लेकिन उस पार्टी के किसी भी नेता को BJP में शामिल नहीं किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति में हलचल जारी है।
फडणवीस का साफ रुख: मदद हाँ, विलय नहीं
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा, ''हम एनसीपी (अजित पवार गुट) को चलाने, संभालने और मजबूत करने के लिए हर जरूरी मदद देंगे, लेकिन उनकी पार्टी से किसी को भी भाजपा में शामिल नहीं किया जाएगा।'' यह बयान उन अटकलों को खारिज करता है जिनमें कहा जा रहा था कि NCP के कुछ नेता BJP में शामिल हो सकते हैं।
2019 के बाद की राजनीति पर टिप्पणी
2019 के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आए उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा, ''2019 में जो हुआ, वह समझ से परे था। उसके बाद अब किसी भी चीज पर हैरानी नहीं होनी चाहिए, राजनीति में अब कुछ भी संभव है।'' गौरतलब है कि 2019 में महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कई नाटकीय घटनाक्रम हुए थे, जिन्होंने राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित किया था।
एनसीपी की स्थिरता पर भरोसा
मुख्यमंत्री ने अजित पवार की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि NCP धीरे-धीरे स्थिर हो रही है। उन्होंने कहा, ''शुरुआत में एनसीपी के भीतर असमंजस की स्थिति थी। यह भी संदेह था कि नेतृत्व प्रभावी ढंग से काम कर पाएगा या नहीं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में पार्टी ने खुद को संभालना शुरू किया है और मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में यह पूरी तरह स्थिर हो जाएगी।''
कानून-व्यवस्था और अन्य विवादित मामले
कानून-व्यवस्था के सवाल पर फडणवीस ने अशोक खरात मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच सही तरीके से की जा रही है। उन्होंने केवल वायरल तस्वीरों के आधार पर गिरफ्तारी की मांग को खारिज किया और कहा, ''मैं भरोसा दिलाता हूं कि कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।'' TCS से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है, लेकिन इस घटना में कंपनी की खुद की कोई गलती नहीं है।
शिंदे को अंधेरे में रखने के दावे खारिज
मुख्यमंत्री ने उन दावों को भी सिरे से नकार दिया जिनमें कहा गया था कि NCP से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अंधेरे में रखा गया। यह बयान महायुति गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल की पुष्टि करता है। आने वाले समय में महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति और NCP की आंतरिक स्थिरता पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।