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बांग्लादेश का एनपीएल अनुपात 32.26%, यूक्रेन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा डूबा कर्ज संकट

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बांग्लादेश का एनपीएल अनुपात 32.26%, यूक्रेन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा डूबा कर्ज संकट

सारांश

बांग्लादेश का बैंकिंग संकट अब वैश्विक सुर्खियों में है — 32.26% एनपीएल अनुपात के साथ यह युद्धग्रस्त यूक्रेन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बुरा देश बन गया है। सार्क में भी सबसे खराब, और CRAR -2.64% पर — यह आँकड़े बताते हैं कि संकट केवल संख्याओं का नहीं, ढाँचागत विफलता का है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश का एनपीएल अनुपात 32.26 प्रतिशत , वैश्विक स्तर पर यूक्रेन (37.35%) के बाद दूसरा सबसे ऊँचा।
मार्च 2026 तक गैर-निष्पादित ऋण बढ़कर 5.89 लाख करोड़ टका ; तीन महीनों में 31,000 करोड़ टका की वृद्धि।
पुनर्गठित ऋण सहित संकटग्रस्त परिसंपत्तियाँ कुल ऋण का 61 प्रतिशत — यानी 11.2 लाख करोड़ टका ।
बैंकिंग क्षेत्र का CRAR वर्ष 2025 के अंत तक -2.64 प्रतिशत — नियामकीय सीमा 12.5% से बहुत नीचे।
तुलनात्मक रूप से पाकिस्तान का CRAR 20.8% , श्रीलंका का 19.4% और भारत का 17.2% ।
राजनीतिक प्रभाव में दिए गए कर्ज और कमज़ोर वसूली व्यवस्था को संकट की मुख्य वजह बताया गया है।

बांग्लादेश अब गैर-निष्पादित ऋण (एनपीएल) के मामले में वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर पहुँच गया है — देश के बैंकों द्वारा दिए गए कुल कर्ज का 32.26 प्रतिशत डिफॉल्ट की श्रेणी में है। द बिजनेस स्टैंडर्ड (बांग्लादेश) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सभी सदस्य देशों में भी बांग्लादेश की बैंकिंग स्थिति सबसे खराब आँकी गई है।

वैश्विक रैंकिंग में बांग्लादेश की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन 37.35 प्रतिशत एनपीएल अनुपात के साथ शीर्ष पर है, जहाँ चल रहे युद्ध ने अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुँचाई है। बांग्लादेश 32.26 प्रतिशत के साथ दूसरे, चाड 31.51 प्रतिशत के साथ तीसरे और गिनी 31.15 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है।

मार्च 2026 तक के ताज़ा आँकड़े

बांग्लादेश बैंक के आँकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 के अंत तक देश में गैर-निष्पादित ऋण बढ़कर 5.89 लाख करोड़ टका हो गए — केवल तीन महीनों में 31,000 करोड़ टका की वृद्धि। देश में कुल बकाया ऋण 18.25 लाख करोड़ टका है। यदि पुनर्गठित ऋण और विशेष निगरानी वाले खातों को भी जोड़ा जाए, तो संकटग्रस्त परिसंपत्तियाँ 11.2 लाख करोड़ टका तक पहुँच जाती हैं — यानी बैंकिंग प्रणाली के कुल ऋण का लगभग 61 प्रतिशत

पूँजी स्थिति में तेज़ गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के बैंकिंग क्षेत्र का कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेशियो (CRAR) वर्ष 2025 के अंत तक घटकर -2.64 प्रतिशत रह गया, जबकि एक वर्ष पूर्व यह 3.08 प्रतिशत था। यह नियामकीय न्यूनतम सीमा 12.5 प्रतिशत से बहुत नीचे है। इसके विपरीत, पाकिस्तान का CRAR 20.8 प्रतिशत, श्रीलंका का 19.4 प्रतिशत और भारत का 17.2 प्रतिशत दर्ज किया गया — जो सभी नियामकीय सीमा से ऊपर हैं।

राजनीतिक प्रभाव और कमज़ोर ऋण अनुशासन

रिपोर्ट में बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि कई ऋण ऐसे लोगों को दिए गए जिनकी भुगतान क्षमता की बजाय उनके राजनीतिक या व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता दी गई। इससे ऋण स्वीकृति के मानक कमज़ोर हुए। एनआरबीसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमडी तौहीदुल आलम खान ने कहा कि 'क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में बांग्लादेश की स्थिति बेहद चिंताजनक है।' उनके अनुसार, पड़ोसी देशों ने सख्त वित्तीय अनुशासन अपनाकर अपने बैंकिंग क्षेत्र को सुरक्षित रखा, जबकि बांग्लादेश बार-बार कॉरपोरेट और ऋण संबंधी झटके झेलता रहा।

बैंकों और अर्थव्यवस्था पर असर

रिपोर्ट के अनुसार, डूबे कर्ज बढ़ने से बांग्लादेश के बैंकों को अधिक प्रावधान करना पड़ रहा है, मुकदमों पर खर्च बढ़ रहा है, मुनाफा घट रहा है और उत्पादक क्षेत्रों को नए ऋण देने की क्षमता भी सिकुड़ रही है। गौरतलब है कि कमज़ोर ऋण वसूली व्यवस्था और राजनीतिक दखल की यह समस्या वर्षों से बांग्लादेश के बैंकिंग तंत्र को खोखला करती रही है। यदि संरचनात्मक सुधार नहीं हुए, तो आने वाले वर्षों में देश की वित्तीय स्थिरता और गहरे संकट में पड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी संचालन जारी है। जब पड़ोसी भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका — जिनमें से कुछ खुद आर्थिक संकट झेल चुके हैं — नियामकीय सीमाओं से ऊपर हैं, तो बांग्लादेश की यह स्थिति नीतिगत विफलता की गहराई को रेखांकित करती है। बिना संरचनात्मक सुधार और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त ऋण व्यवस्था के, यह संकट और विकराल होने का जोखिम उठाए हुए है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश का एनपीएल अनुपात क्या है और यह इतना खतरनाक क्यों है?
बांग्लादेश का गैर-निष्पादित ऋण (एनपीएल) अनुपात 32.26 प्रतिशत है, जिसका अर्थ है कि देश के बैंकों द्वारा दिए गए लगभग एक-तिहाई कर्ज डिफॉल्ट की श्रेणी में हैं। यह अनुपात वैश्विक स्तर पर युद्धग्रस्त यूक्रेन के बाद दूसरा सबसे ऊँचा है और सार्क देशों में सबसे खराब है।
बांग्लादेश में डूबे कर्ज का कुल आँकड़ा कितना है?
बांग्लादेश बैंक के आँकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 के अंत तक गैर-निष्पादित ऋण 5.89 लाख करोड़ टका हो गए। यदि पुनर्गठित ऋण और विशेष निगरानी खातों को भी जोड़ा जाए, तो संकटग्रस्त परिसंपत्तियाँ 11.2 लाख करोड़ टका — यानी कुल ऋण का लगभग 61 प्रतिशत — हो जाती हैं।
बांग्लादेश में इतने कर्ज क्यों डूबे?
रिपोर्ट में बैंकिंग अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण कई ऋण उन लोगों को दिए गए जिनकी भुगतान क्षमता के बजाय उनके राजनीतिक या व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता दी गई। इसके साथ ही कमज़ोर ऋण अनुशासन और ऋण वसूली की कमज़ोर व्यवस्था को भी प्रमुख कारण बताया गया है।
सार्क देशों में बांग्लादेश की तुलना भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका से कैसी है?
CRAR के मामले में बांग्लादेश -2.64 प्रतिशत पर है, जो नियामकीय न्यूनतम सीमा 12.5% से बहुत नीचे है। इसके विपरीत, पाकिस्तान का CRAR 20.8% , श्रीलंका का 19.4% और भारत का 17.2% है — तीनों नियामकीय सीमा से ऊपर।
डूबे कर्ज बढ़ने से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
रिपोर्ट के अनुसार, एनपीएल बढ़ने से बैंकों को अधिक प्रावधान करना पड़ता है, मुकदमों पर खर्च बढ़ता है और मुनाफा घटता है। इससे उत्पादक क्षेत्रों को नए ऋण देने की बैंकों की क्षमता भी प्रभावित होती है, जो दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए गंभीर खतरा है।
राष्ट्र प्रेस
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