क्या 2026 में भी बांग्लादेश की आर्थिक परेशानियां जारी रहेंगी?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था ने 2025 में कई चुनौतियों का सामना किया, जिसमें वित्तीय क्षेत्र में गैर-निष्पादित ऋण (एनपीएल) में वृद्धि शामिल है। अब 2026 में भी यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश बैंक की कार्रवाई करने की क्षमता सीमित थी, क्योंकि सरकार बैंकिंग सेक्टर से उच्च लागत वाले ऋणों पर बहुत निर्भर थी। इसी समय, कर्ज चुकाने में देरी ने बैंकों की नई ऋण देने की क्षमता को कमजोर कर दिया।
उच्च ब्याज दरों ने सक्षम उद्यमियों को नए निवेश से हतोत्साहित कर दिया। बड़े बैंक निजी क्षेत्र को नई ऋण देने के बजाय उच्च-उपज वाले सरकारी बॉंड में 'सुरक्षित निवेश' करती रहीं।
अंतरिम सरकार ने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में अधिक बदलाव करने की बजाय मौजूदा स्थिति को बनाए रखने का विकल्प चुना। इस कारण, बजट आवंटन, सामाजिक सुरक्षा प्रबंधन या व्यापक वित्तीय नीतियों के लिए कोई नया मॉडल नहीं बना। लंबे समय से लंबित राजस्व सुधारों को आईएमएफ के दबाव में आगे बढ़ाया गया, लेकिन गहरी संरचनात्मक सुधार प्रक्रिया प्रशासनिक बाधाओं के कारण धीमी रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेश धीमा है और युवाओं के लिए अच्छे रोजगार सृजन का दबाव बना हुआ है। एक उभरती अर्थव्यवस्था जैसे बांग्लादेश में मुद्रास्फीति को सावधानी से नियंत्रित करना आवश्यक है, जिसके लिए बाजार पर निगरानी और आपूर्ति पक्ष के उपाय अपनाने चाहिए।
बढ़ती कर्ज अदायगी के मद्देनजर घरेलू राजस्व बढ़ाने की आवश्यकता है, जैसे कर डिजिटलाइजेशन, क्षमता निर्माण, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख, वैट की चोरी को कम करना और आयकर संग्रह को बढ़ाना। मुद्रा विनिमय दर की भी कड़ी निगरानी जरूरी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अगर बांग्लादेश को विकास करना है तो एक अनुकूल कानून और व्यवस्था की स्थिति अनिवार्य है। नई सरकार को वैश्विक निवेशकों, व्यापारिक साझेदारों और विकास एजेंसियों के साथ अधिक सक्रिय रूप से जुड़ना चाहिए। इसके लिए राजनीतिक स्थिरता और उत्पादन क्षेत्रों में शांति जरूरी है। कम ऊर्जा और खाद्य कीमतें, साथ ही मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं विकास को और समर्थन दे सकती हैं, बशर्ते कोई बड़ा व्यवधान न हो।
हाल के महीनों में निर्यात वृद्धि धीमी रही है, जिससे व्यापार की लागत कम करना, प्रक्रिया समय कम करना और औद्योगिक क्षेत्रों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना आवश्यक हो गया है।
रिपोर्ट आगे कहती है कि उत्पाद और बाजारों के विविधीकरण पर लंबे समय से चर्चा हो रही है, लेकिन प्रगति सीमित रही है। बांग्लादेश इस साल कम विकसित देशों की श्रेणी से ऊपर उठने की तैयारी कर रहा है, इसलिए इन सुधारों पर विशेष ध्यान और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत होगी।