आस्था स्पिनटेक्स IPO लिस्टिंग: ₹136 के इश्यू प्राइस से 4.41% नीचे ₹130 पर डेब्यू, बाद में 5% अपर सर्किट
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड के शेयरों ने सोमवार, 6 जुलाई को शेयर बाज़ार में निराशाजनक शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर शेयर ₹130 प्रति शेयर पर लिस्ट हुए — जो ₹136 प्रति शेयर के आईपीओ इश्यू प्राइस से 4.41 प्रतिशत कम है। इस कमज़ोर लिस्टिंग से आईपीओ में आवंटन पाने वाले निवेशकों को शुरुआती झटका लगा।
लिस्टिंग के बाद बाज़ार में पलटवार
हालाँकि, कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर बाद शेयर में ज़बरदस्त खरीदारी देखी गई। मज़बूत माँग के चलते शेयर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट तक पहुँच गया, जिससे शुरुआती गिरावट काफ़ी हद तक संभल गई। सेकेंडरी मार्केट में निवेशकों की यह सक्रिय दिलचस्पी कंपनी के प्रति सकारात्मक धारणा का संकेत मानी जा रही है।
लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹598.13 करोड़ रहा।
IPO को मिला 4.64 गुना सब्सक्रिप्शन
₹170 करोड़ के इस आईपीओ को पिछले सप्ताह बोली बंद होने तक निवेशकों का उत्साहजनक रिस्पॉन्स मिला और यह 4.64 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹125 से ₹136 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इक्विटी शेयरों के इश्यू पर आधारित था — इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं था। इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में BOI मर्चेंट बैंकर्स लिमिटेड और PNB इन्वेस्टमेंट सर्विसेज़ लिमिटेड ने काम किया।
कंपनी का कारोबार और उत्पाद
आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड कार्डेड, कॉम्ब्ड और कॉम्पैक्ट कॉम्ब्ड कॉटन यार्न, कॉटन बेल्स और संबंधित उत्पादों के निर्माण एवं व्यापार में सक्रिय है। कंपनी का एकीकृत स्पिनिंग और जिनिंग प्लांट गुजरात के मोरबी ज़िले के हलवद में स्थित है। कंपनी का कारोबार मुख्यतः B2B मॉडल पर आधारित है और यह फैब्रिक निर्माताओं, बुनकरों तथा बुनाई इकाइयों को अपने उत्पाद उपलब्ध कराती है।
IPO राशि का उपयोग
कंपनी के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त शुद्ध राशि में से ₹111.51 करोड़ का उपयोग फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ₹10 करोड़ अधिग्रहीत कंपनी की कार्यशील पूँजी की ज़रूरतों के लिए आवंटित हैं, जबकि शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में लगाई जाएगी।
यह अधिग्रहण कंपनी की क्षमता विस्तार रणनीति का हिस्सा है। आने वाले हफ्तों में फाल्कन यार्न्स के एकीकरण की प्रगति और माँग की स्थिति शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।