क्या आईपीओ से पहले एनएसई में रिटेल निवेशकों की संख्या बढ़कर 1.46 लाख हुई?

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क्या आईपीओ से पहले एनएसई में रिटेल निवेशकों की संख्या बढ़कर 1.46 लाख हुई?

सारांश

रिटेल निवेशकों की संख्या में बेमिसाल वृद्धि के चलते एनएसई में निवेश का नया दौर शुरू हुआ है। जानिए इस बढ़ती रुचि का क्या है असर।

मुख्य बातें

एनएसई में रिटेल निवेशकों की संख्या 1.46 लाख हो गई है।
आईपीओ से पहले शेयरों की मांग में वृद्धि हो रही है।
एनएसई का पूंजीकरण 5.7 लाख करोड़ है।
रिटेल निवेशकों की भागीदारी में तेजी से वृद्धि हो रही है।
शेयर की कीमतें 2,225 रुपए प्रति शेयर तक पहुँच गई हैं।

नई दिल्ली, 24 जुलाई (राष्ट्रीय प्रेस)। आईपीओ से पहले अनलिस्टेड मार्केट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयरों की अभूतपूर्व मांग देखी जा रही है, जिसके कारण कंपनी में रिटेल निवेशकों की संख्या 1.46 लाख तक पहुँच गई है, जो कि किसी अन्य अनलिस्टेड कंपनी की तुलना में काफी अधिक है।

एनएसई के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) को लेकर चर्चाएँ काफी समय से चल रही हैं और इसकी पब्लिक इश्यू जल्द ही आने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण यह है कि एक्सचेंज के शेयरों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा निवेशकों की रुचि बनी हुई है। इन 1.46 लाख निवेशकों के पास एनएसई के शेयरों का कुल मूल्य 2 लाख रुपए से कम है। पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 33,896 रिटेल निवेशकों का था, जो कि चार गुना वृद्धि को दर्शाता है।

एनएसई की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में 343 निवेशकों के पास 2 लाख रुपए से अधिक मूल्य के शेयर हैं। पिछली तिमाही में यह संख्या 354 थी।

एनएसई के 2 लाख रुपए से अधिक शेयर रखने वाले निवेशकों का कुल शेयर आपूर्ति में 11.81 प्रतिशत हिस्सा है, जो कि पिछली तिमाही के 9.89 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, जिन निवेशकों के पास 2 लाख रुपए से कम मूल्य के शेयर हैं, उनकी कुल हिस्सेदारी 9.84 प्रतिशत (23.86 करोड़ शेयर) से घटकर 9.52 प्रतिशत (23.56 करोड़ शेयर) हो गई है।

रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने एनएसई के समग्र निवेशक आधार का तेजी से विस्तार किया है।

रिटेल निवेशकों की अधिक मांग के कारण, एनएसई के गैर-सूचीबद्ध शेयर की कीमत 36 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2,225 रुपए प्रति शेयर हो गई, जो कि अप्रैल 2025 में 1,650 रुपए थी।

अनलिस्टेड मार्केट में वर्तमान शेयर मूल्य पर एनएसई का पूंजीकरण 5.7 लाख करोड़ है। यदि कंपनी सूचीबद्ध होती, तो इसका बाजार मूल्यांकन निफ्टी 50 में 8वें या 9वें स्थान पर होता।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एनएसई में रिटेल निवेशकों की बढ़ती संख्या केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह भारतीय निवेशकों के बीच बढ़ती जागरूकता और निवेश के प्रति उनकी रुचि को दर्शाता है। यह एक सकारात्मक संकेत है जो देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएसई के शेयरों की मांग क्यों बढ़ी है?
एनएसई के शेयरों की मांग बढ़ी है क्योंकि निवेशक आईपीओ की संभावनाओं के प्रति उत्सुक हैं और शेयर की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए भागीदारी बढ़ा रहे हैं।
रिटेल निवेशकों की संख्या में वृद्धि का क्या असर होगा?
रिटेल निवेशकों की संख्या में वृद्धि से एनएसई का निवेशक आधार मजबूत होगा, जिससे बाजार में स्थिरता और निवेश का स्तर बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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