क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव को 'भीष्म' हेल्थ क्यूब सेट दिया?
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नई दिल्ली/माले, २५ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में मालदीव की राजकीय यात्रा पर हैं। इस यात्रा के संदर्भ में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत मालदीव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है और यह द्वीप राष्ट्र विजन महासागर में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव को स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा आपात स्थिति और मानवीय सहायता एवं आपदा प्रतिक्रिया (एचएडीआर) के लिए भीष्म हेल्थ क्यूब सेट प्रदान किए। यह एक मोबाइल क्यूब अस्पताल है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं या मानवीय संकटों के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और मालदीव के बीच हुए समझौतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मालदीव को ४,८५० करोड़ रुपए की ऋण सहायता के लिए समझौता हुआ। भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित इस ऋण सहायता का उद्देश्य मालदीव की वार्षिक ऋण चुनौती दायित्वों को कम करना है। इसके अतिरिक्त, भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) शुरू करने के संदर्भ में शर्तों को अंतिम रूप दिया गया।
उन्होंने आगे बताया कि मत्स्य पालन और जलीय कृषि में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और मालदीव मौसम विज्ञान सेवा (एमएमएस) के बीच सहयोग पर भी समझौता हुआ। इसके अलावा, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मालदीव के गृह सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच डिजिटल परिवर्तन के लिए सफल डिजिटल समाधानों के आदान-प्रदान के लिए भी समझौता ज्ञापन हुआ।
साथ ही, मालदीव द्वारा भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) को मान्यता देने पर समझौता ज्ञापन और मालदीव में यूपीआई के लिए भारत के एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (एनआईपीएल) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (एमएमए) के बीच नेटवर्क-टू-नेटवर्क समझौता हुआ।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की उपस्थिति में शुक्रवार को माले में ऋण-सीमा, ऋण-भुगतान, मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए), मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि, डिजिटल परिवर्तन, फार्माकोपिया और यूपीआई से संबंधित आठ समझौतों का आदान-प्रदान किया गया।