रूस का कीव पर 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, बिजली-पानी-हीटिंग संकट गहराया
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 7 नवंबर को बताया कि रूस ने शुक्रवार रात 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलों से यूक्रेन पर हमला किया, जिनमें सभी मिसाइलें राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों को निशाना बनाकर दागी गईं। इस हमले ने ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे लाखों नागरिकों के लिए बिजली, पानी और हीटिंग की आपूर्ति ठप पड़ गई।
हमले का विवरण और पैमाना
जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'रूस त्रिपक्षीय वार्ता की तैयारी के बीच महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले कर रहा है। सभी मिसाइलों का निशाना राजधानी कीव और उसके आसपास का क्षेत्र था। ऊर्जा से जुड़ा बुनियादी ढाँचा एक बार फिर मुख्य लक्ष्य रहा।' यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच कूटनीतिक प्रयासों की संभावनाओं पर चर्चा चल रही थी।
कीव के अलावा विन्नित्सिया, झितोमिर, रिव्ने, खार्किव और निप्रो सहित यूक्रेन के कुल 12 अन्य क्षेत्र भी इन हमलों की चपेट में आए। इन घटनाओं में एक बच्चे सहित नौ लोग घायल हुए हैं।
बुनियादी ढाँचे को नुकसान
हमलों में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। शहर का नॉर्दर्न ब्रिज भी प्रभावित हुआ और एक किंडरगार्टन आंशिक रूप से नष्ट हो गया। सबसे गंभीर चोट उस सबस्टेशन पर पड़ी जो रिव्ने और खमेलनित्सकी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को कीव और यूक्रेन के मध्य क्षेत्रों से जोड़ता है। गौरतलब है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से जुड़े ट्रांसमिशन नेटवर्क पर हमला पूरे ऊर्जा ग्रिड की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
इससे पहले भी रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली को बार-बार निशाना बनाया है — विशेषकर सर्दियों के मौसम में — ताकि नागरिक दबाव अधिकतम हो सके। यह इसी रणनीति की कड़ी प्रतीत होती है।
जेलेंस्की की अमेरिका से अपील
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि जब रूस लाखों की आबादी वाले कीव और पूरे देश को अंधेरे में डुबोने की कोशिश कर रहा है, तब यूक्रेन को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से द्विपक्षीय सहायता बढ़ाने की उम्मीद जताई और अमेरिकी कांग्रेस से अपील की कि वह यूक्रेन पर अधिक ध्यान दे।
जेलेंस्की ने यह भी उम्मीद जताई कि अमेरिका की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियाँ सुरक्षा, यूक्रेन को समर्थन, रूसी आक्रामकता की निंदा और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बढ़ते प्रतिबंधों के मुद्दे पर एकजुट रहेंगी। उनके बयान में कहा गया कि यूक्रेन के समर्थन में अमेरिका का दृढ़ और लगातार रुख क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।
आम जनता पर असर
हमलों के बाद कीव में बिजली, पानी और हीटिंग की आपूर्ति को लेकर गंभीर समस्याएँ पैदा हो गई हैं। सर्दियों की दहलीज पर खड़े यूक्रेन के लिए हीटिंग बुनियादी ढाँचे की क्षति विशेष रूप से संकटपूर्ण है। यूक्रेनी नेतृत्व ने उन लोगों का आभार जताया जो हर दिन इन हमलों से देश की रक्षा कर रहे हैं और क्षतिग्रस्त सुविधाओं को बहाल करने में जुटे हैं।
क्या होगा आगे
यूक्रेन की ओर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय — विशेषकर अमेरिका — पर दबाव बढ़ाने की कोशिश जारी है। कथित तौर पर त्रिपक्षीय वार्ता की संभावना के बावजूद रूस के इस हमले ने कूटनीतिक प्रयासों पर सवालिया निशान लगा दिया है। आने वाले हफ्तों में यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली की बहाली और अंतरराष्ट्रीय सहायता की दिशा इस संघर्ष के अगले मोड़ को तय करेगी।