त्योहारी सीजन: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन वॉर रूम की समीक्षा की, 18 हजार से अधिक विशेष ट्रेनें संचालित
सारांश
मुख्य बातें
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में त्योहारी सीजन के मद्देनजर रेलवे की परिचालन तैयारियों और वॉर रूम की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने यात्री सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और रेल परिचालन दक्षता बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), लाइव सीसीटीवी फुटेज और रियल टाइम डेटा की निर्णायक भूमिका पर बल दिया।
वॉर रूम: केंद्रीकृत निगरानी का तंत्र
समीक्षा बैठक में वॉर रूम को रेलवे स्टेशनों की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए एक केंद्रीकृत व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस प्रणाली के माध्यम से अधिकारी लाइव कैमरा फुटेज, AI आधारित विश्लेषण और परिचालन डेटा के सहारे एक साथ अनेक स्टेशनों की स्थिति पर नज़र रख सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्णय ले सकते हैं।
वॉर रूम से स्टेशनों के प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और स्टेशन परिसर के आसपास के क्षेत्रों की लाइव निगरानी की जाती है। किसी विशेष स्थान पर भीड़ या अनियमितता की स्थिति में संबंधित सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को जूम करके बारीकी से देखा जा सकता है, जिससे समय रहते सटीक कार्रवाई संभव होती है।
18 हजार से अधिक विशेष ट्रेनें, पिछले साल से 50% अधिक
वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे ने इस त्योहारी सीजन में 18 हजार से अधिक अतिरिक्त विशेष ट्रेनें संचालित की हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या करीब 12 हजार थी — यानी एक वर्ष में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी। यह वृद्धि रेलवे के उस प्रयास को दर्शाती है जिसमें दीपावली, छठ और अन्य त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ी हुई माँग को पूरा किया जा सके।
गौरतलब है कि त्योहारी सीजन में, विशेष रूप से छठ पर्व से पहले, उत्तर भारत के प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आता है। रेल मंत्री के अनुसार इस बार की तैयारियाँ करीब छह महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं।
विशेष सुविधाएँ और बुनियादी ढाँचा
यात्री प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए करीब 20 रेलवे स्टेशनों पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त अलग से टिकट काउंटर, सुचारू आवाजाही के लिए अनेक स्कैनिंग सुविधाएँ और निगरानी के लिए करीब 700 AI आधारित कैमरे लगाए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य भीड़ के दबाव को कम करना और यात्रियों को सुरक्षित व सहज अनुभव देना है।
AI और रियल टाइम डेटा की भूमिका
वॉर रूम में AI आधारित तकनीक के जरिए किसी विशेष स्थान पर होने वाली असामान्य गतिविधियों और घटनाओं का त्वरित विश्लेषण किया जा सकता है। अधिकारी निर्देश देकर संबंधित स्थान की स्थिति का आकलन कर सकते हैं और किसी भी संभावित समस्या की समय पर पहचान कर कार्रवाई कर सकते हैं।
इसके साथ ही वॉर रूम से ट्रेनों की आवाजाही और विलंब की भी रियल टाइम निगरानी की जाती है। अधिकारी देरी के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठा सकते हैं, जिससे समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित होता है।
आगे की दिशा
रेलवे के अनुसार लाइव निगरानी, AI तकनीक और परिचालन डेटा के एकीकृत उपयोग से त्योहारों और अधिक भीड़ वाले समय में यात्री सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और रेल सेवाओं की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। यह प्रयास रेलवे के उस दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है जिसमें तकनीक के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाया जाए।