नितिन नवीन के 'माफिया' बयान पर सपा का पलटवार: जय किशन साहू बोले, 2027 में जनता देगी जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को 'माफिया' बताने वाले बयान पर सपा नेताओं ने 7 नवंबर 2026 को कड़ा पलटवार किया। सपा विधायक जय किशन साहू ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इन सभी बयानों का मुँहतोड़ जवाब देगी और समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में आएगी।
जय किशन साहू का सीधा हमला
सपा विधायक जय किशन साहू ने नितिन नवीन के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम की चर्चा भले ही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र और गाजीपुर की सड़कों की खराब स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि जो सड़क पाँच साल चलनी चाहिए थी, वह दो साल में ही जर्जर हो जाती है।
साहू ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में कई बार लिखित शिकायत विधानसभा तक पहुँचाई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनके अनुसार, यह विकास का खोखलापन बेनकाब करती है।
'युवराज' बयान पर पलटवार और रोज़गार का मुद्दा
भाजपा अध्यक्ष के 'युवराज' वाले बयान पर साहू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की जनता अच्छी तरह जानती है कि असली युवराज कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 साल से केंद्र में सरकार होने के बावजूद विकास के मोर्चे पर कोई ठोस उपलब्धि नहीं है और कांग्रेस के कार्यकाल में बनी विरासत को भी बर्बाद किया जा रहा है।
साहू ने रोज़गार के मुद्दे को खासतौर पर उठाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के शासन में युवा नौकरी के लिए सड़कों पर भटक रहे हैं और जब छात्र नौकरी माँगते हैं तो उन्हें लाठियाँ मिलती हैं।
अबू आजमी का सोनिया गांधी की किताब पर समर्थन
महाराष्ट्र से सपा विधायक अबू आजमी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की नई किताब का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने देश के लिए अपार त्याग किया है — पति की हत्या के बाद भी वे देश में डटी रहीं और संघर्ष जारी रखा। आजमी के अनुसार, 2014 के बाद से देश का सामाजिक ताना-बाना बिखर गया है और हर मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम रंग दिया जा रहा है।
छठ पूजा और एनसीपी विलय पर आजमी का रुख
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के छठ पूजा संबंधी बयान पर आजमी ने कहा कि वैश्विक प्रदूषण संकट को देखते हुए यदि कृत्रिम तालाब बनाकर धार्मिक ज़रूरतें पूरी की जा सकती हैं, तो यह बेहतर विकल्प है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संभावित विलय पर उन्होंने कहा कि यदि NCP के दोनों गुट एकजुट होते हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन यदि विलय के बाद वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होते हैं, तो वह इससे सहमत नहीं हैं। आजमी ने शरद पवार को एक बेहद सम्मानित और देश-समर्पित नेता बताया।
2027 की रणनीति और सियासी समीकरण
गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में तेज़ हुई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अब एक साल से भी कम समय पर है। भाजपा और सपा दोनों पक्ष एक-दूसरे पर वाकयुद्ध के ज़रिये जनमत बनाने की कोशिश में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक और NDA के बीच राजनीतिक खींचतान अपने चरम पर है। आने वाले महीनों में दोनों पक्षों की ओर से इस तरह के बयानों में और तीखापन आने की संभावना है।