राजभर का अखिलेश पर पलटवार: 'BJP 22 राज्यों में सत्ता में, वे 2 बार फेल हुए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने 5 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे और रोड शो पर अखिलेश के सवालों को राजभर ने सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की 'हताशा और निराशा' करार दिया।
राजभर का सीधा जवाब
राजभर ने कहा, 'अखिलेश यादव के पास कोई काम नहीं है। वह सत्ता में नहीं आ रहे हैं, इसलिए वह सिर्फ विरोध ही कर सकते हैं। उनको यह नहीं पता कि आज BJP 22 राज्यों में सत्ता में है, जबकि वह (अखिलेश) 2-2 बार सरकार बनाने में फेल हो गए हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि नितिन नवीन यहाँ BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर आए हैं और यह NDA की सरकार है।
अखिलेश ने क्या कहा था
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नितिन नवीन के रोड शो में भीड़ न होने का दावा करते हुए कहा था कि 'उत्तर प्रदेश का BJP संगठन जन-आक्रोश के डर के मारे अपने घरों में दुबका बैठा है या प्रदेश से बाहर भाग गया है, नहीं तो कुछ लोग तो जरूर दिखाई देते, बेचारे नव-निर्मित अध्यक्ष जी हाथ हिलाने के लिए तरसते दिखाई न देते।' यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना।
नितिन नवीन के दौरे का उद्देश्य
राजभर ने बताया कि नितिन नवीन BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश आए हैं। दौरे के पहले दिन उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और दूसरे दिन NDA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बैठक की। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव में 2017 के मुकाबले अधिक सीटें जीतने की रणनीति पर चर्चा हुई।
सीट बंटवारे पर स्थिति
राजभर ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में सीटों के बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हुई। उनके अनुसार, चूँकि नितिन नवीन पहली बार राज्य दौरे पर आए हैं, इसलिए यह उनकी 'नैतिक जिम्मेदारी' थी कि वे सभी सहयोगियों से मिलें, बातचीत करें और संबंध मजबूत करें। NDA सहयोगी दलों के नेताओं के साथ सीधा संवाद इस दौरे की मुख्य उपलब्धि बताई गई।
मदरसों में ATS जाँच पर राजभर का रुख
मंत्री राजभर ने मदरसों में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) की जाँच के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मदरसे शिक्षा के मकसद से बनाए गए हैं। अगर वहाँ नकली नोट छापे जाएँगे या होटल चलाए जाएँगे, तो जाँच होगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में मदरसों की गतिविधियों पर सरकारी निगरानी को लेकर बहस जारी है।
गौरतलब है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, NDA और विपक्षी सपा के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। नितिन नवीन का यह दौरा BJP के संगठनात्मक मजबूती अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।