18 अगस्त 2026
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राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: आजम खान को गृह मंत्री बनाने का सपना छोड़ें, बहुजन समाज भयभीत

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राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: आजम खान को गृह मंत्री बनाने का सपना छोड़ें, बहुजन समाज भयभीत

सारांश

सुभासपा मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को सीधी चुनौती दी — आजम खान को गृह मंत्री बनाने की चर्चा पर बहुजन समाज भयभीत है। राजभर ने मुजफ्फरनगर दंगों का संदर्भ दिया और कहा: सत्ता का सपना इस जन्म में छोड़ दें।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 18 अगस्त को एक्स पर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
आजम खान को संभावित सपा सरकार में गृह मंत्री बनाने की चर्चा पर राजभर ने कड़ी आपत्ति जताई।
राजभर का आरोप — इस ऐलान से समूचा बहुजन समाज डरा हुआ है।
राजभर ने मुजफ्फरनगर दंगों और लखनऊ के पारा इलाके की घटना का हवाला दिया।
अखिलेश को चुनौती — एक्स पर घोषणा करें कि आजम खान गृह मंत्री नहीं बनेंगे ।
भीमराव अंबेडकर पर आजम खान की कथित टिप्पणी का मुद्दा राजभर ने फिर उठाया।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 18 अगस्त को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा हमला बोला। आजम खान को संभावित सपा सरकार में गृह मंत्री बनाए जाने की चर्चा को लेकर राजभर ने आरोप लगाया कि इस ऐलान ने समूचे बहुजन समाज को भयभीत कर दिया है।

एक्स पर राजभर का सीधा हमला

राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा — 'गांव बसा नहीं, लुटेरे पहले आ गये' — और कहा कि आजम खान को गृह मंत्री बनाने की बात सामने आते ही उनका तथाकथित पीडीए गुट जोश में आ गया। उन्होंने इसे 'पीट देगा अशफाक' गैंग करार दिया। राजभर ने लखनऊ के पारा इलाके की घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सपा समर्थकों ने पुलिस के अधिकार को चुनौती दी है।

मुजफ्फरनगर दंगों का संदर्भ

राजभर ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि आजम खान को गृह मंत्री बनाकर अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर जैसे दंगे उत्तर प्रदेश के शहर-शहर में फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गैर यादव पिछड़ों और बहुजनों को डराने-धमकाने की यह पुरानी रणनीति है। राजभर के अनुसार, अखिलेश की ख्वाहिश है कि 'चौराहे-चौराहे खाकी की गिरेबान खींची जाए' — जो उन्होंने पहले भी करते रहे हैं।

अंबेडकर पर आजम की टिप्पणी का मुद्दा

राजभर ने याद दिलाया कि आजम खान ने सपा के ही मंच पर, अखिलेश की मौजूदगी में, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को कथित तौर पर 'भू-माफिया' बताया था। उन्होंने चेताया कि ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्री बनाया गया तो गैर यादव पिछड़ों और बहुजन समाज के विरुद्ध षड्यंत्र और अत्याचार की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

अखिलेश को सीधी चुनौती

राजभर ने अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी — यदि उनमें साहस है तो वे एक्स या सपा के आधिकारिक मंच से घोषणा करें कि आजम खान को गृह मंत्री नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ता का सपना इस जन्म में छोड़ दें और अगली पीढ़ी में मेहनत करें। राजभर ने जोर देकर कहा कि जब से यह चर्चा सामने आई है, समूचा बहुजन समाज डरा हुआ है और अखिलेश को इसी में मज़ा आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ को तोड़ने की कोशिश में राजभर आजम खान के नाम को हथियार बना रहे हैं। गौरतलब है कि राजभर खुद भाजपा के सहयोगी हैं, इसलिए उनकी 'बहुजन चिंता' को विपक्ष राजनीतिक रणनीति के चश्मे से देखेगा। असली सवाल यह है कि क्या अखिलेश इस चुनौती का जवाब देंगे या चुप्पी साधकर अपने गठबंधन को और उलझाएंगे।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला क्यों बोला?
आजम खान को संभावित सपा सरकार में गृह मंत्री बनाए जाने की चर्चा को लेकर राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि इस ऐलान से बहुजन समाज भयभीत हो गया है।
राजभर ने अखिलेश यादव को क्या चुनौती दी?
राजभर ने अखिलेश से मांग की कि वे एक्स या सपा के आधिकारिक मंच पर घोषणा करें कि आजम खान को गृह मंत्री नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश में दम है तो यह स्पष्ट करें।
राजभर ने डॉ. अंबेडकर का ज़िक्र क्यों किया?
राजभर ने याद दिलाया कि आजम खान ने सपा के मंच पर, अखिलेश की उपस्थिति में, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को कथित तौर पर 'भू-माफिया' बताया था। उन्होंने इसे बहुजन समाज के विरुद्ध बताया।
राजभर ने मुजफ्फरनगर दंगों का संदर्भ क्यों दिया?
राजभर ने आरोप लगाया कि आजम खान को गृह मंत्री बनाने से उत्तर प्रदेश के शहर-शहर में मुजफ्फरनगर जैसे दंगे भड़क सकते हैं। यह आरोप उन्होंने सपा की कानून-व्यवस्था नीति पर सवाल उठाते हुए लगाया।
सुभासपा और सपा के बीच यह विवाद किस संदर्भ में है?
सुभासपा भाजपा नीत गठबंधन की सहयोगी है, जबकि सपा मुख्य विपक्षी दल है। राजभर का यह हमला उत्तर प्रदेश में पिछड़ा-बहुजन वोट बैंक को लेकर दोनों दलों के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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