21 अक्टूबर 2026
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2027 चुनाव में BJP को मिलेगा जनता का साथ: दिनेश प्रताप सिंह का अखिलेश पर पलटवार

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2027 चुनाव में BJP को मिलेगा जनता का साथ: दिनेश प्रताप सिंह का अखिलेश पर पलटवार

सारांश

2027 उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सियासी तापमान चढ़ने लगा है। भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव के हर आरोप — युवा बेरोजगारी, आजम खान प्रकरण और धार्मिक भावनाओं — को पलटते हुए कहा कि 2027 में जनता का फैसला फिर भाजपा के पक्ष में होगा।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार किया।
उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले यूपी में बिजली संकट, कानून-व्यवस्था की विफलता और जंगलराज था; योगी सरकार में यह बदला।
आजम खान प्रकरण में उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने मुश्किल समय में उनका साथ छोड़ा था।
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर सनातन परंपराओं और जातीय समूहों के प्रति आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया।
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को करारा जवाब देगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता एक बार फिर भाजपा के साथ खड़ी होगी। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में बुनियादी बदलाव आया है और युवा वर्ग पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए हुए है।

युवाओं पर अखिलेश के आरोपों का जवाब

अखिलेश यादव के इस दावे पर कि उत्तर प्रदेश की जनता — खासकर युवा वर्ग — भाजपा सरकार से नाराज है, दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बिजली की कमी, चरमराई कानून-व्यवस्था और जंगलराज जैसी स्थिति व्याप्त थी। उनके अनुसार, भाजपा सरकार बनने के बाद यह तस्वीर बदली है और आम जनता खुशहाल है।

भाजपा प्रवक्ता ने अखिलेश यादव को 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देखना बंद करने की नसीहत देते हुए कहा कि प्रदेश का नौजवान 2017 में भी पार्टी के साथ था, आज भी है और 2027 में भी उसका साथ देगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता सपा को ऐसा जवाब देगी जिससे अखिलेश यादव के लिए युवाओं के मुद्दे पर राजनीति करना मुश्किल हो जाएगा।

आजम खान विवाद पर पलटवार

अखिलेश यादव के इस आरोप पर कि भाजपा सरकार ने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के साथ अन्याय किया, दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप को पलटते हुए कहा कि यह अन्याय भाजपा ने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव ने स्वयं किया। उनका आरोप था कि जब आजम खान पर मुकदमे दर्ज हुए, तब सपा अध्यक्ष ने उन्हें अकेला छोड़ दिया।

भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जब असदुद्दीन ओवैसी की ओर से आजम खान के खिलाफ मामले हटाने की बात सामने आई, तभी अखिलेश यादव को अचानक उनकी चिंता सताने लगी। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद करार देते हुए दावा किया कि मुस्लिम समाज अब समझ चुका है कि उसके हित किसके साथ सुरक्षित हैं।

धार्मिक आस्थाओं पर आरोप-प्रत्यारोप

अखिलेश यादव के इस आरोप पर कि भाजपा धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है, दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सनातन परंपराओं को ठेस पहुँचाने का काम समाजवादी पार्टी ने किया है। उन्होंने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में भाटी ने कथित तौर पर भगवान राम, भगवान कृष्ण और ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश को न मानने की बात कही।

दिनेश प्रताप सिंह ने राजकुमार भाटी पर ब्राह्मणों, जाटों और गुर्जरों के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया और कहा कि इन बयानों पर कार्रवाई करने के बजाय अखिलेश यादव ने चुप्पी साध ली।

केंद्र सरकार की कल्याण योजनाओं का दावा

दिनेश प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का बचाव करते हुए कहा कि केंद्र ने गरीबों तक भोजन, स्वास्थ्य, आवास और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ पहुँचाने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा चाहती है कि मुस्लिम समाज के युवा पारंपरिक कामों तक सीमित न रहें, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आगे आएँ।

2027 का संदेश

भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान का समापन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता और सनातन परंपरा में आस्था रखने वाले लोग सपा के बयानों पर नजर रख रहे हैं। उनके अनुसार, 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इन सभी मुद्दों पर समाजवादी पार्टी को मुँहतोड़ जवाब देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मियाँ अभी से तेज होने लगी हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग का दौर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल यह है कि 2027 तक युवाओं की बेरोजगारी और महँगाई पर कितने ठोस जवाब मिलते हैं। आजम खान विवाद को लेकर दोनों दलों के बीच जो खींचतान दिख रही है, वह मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। धार्मिक बयानबाज़ी को राजनीतिक हथियार बनाने का यह चलन यूपी की बहुकोणीय राजनीति में नया नहीं है, पर हर बार यह विमर्श को नीति से हटाकर पहचान की ओर ले जाता है। मतदाताओं की असली परीक्षा 2027 में होगी — तब तक दोनों दलों की जुबानी जंग का यह दौर और तेज होगा।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि अखिलेश यादव 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में बिजली संकट और जंगलराज था, और अखिलेश ने आजम खान को मुश्किल वक्त में अकेला छोड़ा।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव पर भाजपा का क्या दावा है?
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का युवा 2017 से ही भाजपा के साथ है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि जनता सपा को करारा जवाब देगी।
आजम खान विवाद पर भाजपा का रुख क्या है?
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आजम खान के साथ अन्याय भाजपा ने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव ने किया — जब आजम खान पर मुकदमे हुए तो सपा ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने अखिलेश यादव की अब की चिंता को राजनीतिक अवसरवाद बताया।
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर क्या आरोप लगाए गए?
दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कथित तौर पर एक कार्यक्रम में भगवान राम, कृष्ण और ब्रह्मा-विष्णु-महेश को न मानने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाटी ने ब्राह्मणों, जाटों और गुर्जरों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं।
भाजपा ने मुस्लिम मतदाताओं के बारे में क्या कहा?
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि मुस्लिम समाज अब समझ चुका है कि उसके हित किसके साथ सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि मुस्लिम युवा पारंपरिक कामों तक सीमित न रहें, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आगे आएँ।
राष्ट्र प्रेस
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