26 सितंबर 2026
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UP 2027 चुनाव: BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह का दावा — सपा-कांग्रेस गठबंधन फेल, NDA पूर्ण बहुमत से लौटेगा

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UP 2027 चुनाव: BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह का दावा — सपा-कांग्रेस गठबंधन फेल, NDA पूर्ण बहुमत से लौटेगा

सारांश

UP 2027 से डेढ़ साल पहले BJP ने हमलावर रुख अपनाया। दिनेश प्रताप सिंह ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को 'लठबंधन' कहा, शिवपाल यादव के बयान को गठजोड़ में दरार का सबूत बताया और राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने 26 सितंबर 2026 को लखनऊ में दावा किया कि UP 2027 में NDA पूर्ण बहुमत से जीतेगा।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को उन्होंने 'लठबंधन' कहा — सीट-बँटवारे पर दोनों दलों में आपसी मतभेद बताए।
शिवपाल यादव के बयान को सिंह ने सपा-कांग्रेस गठजोड़ की कमज़ोरी का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन को 'जंगलराज' के विपरीत 'योगी राज' बताते हुए BJP ने UP में स्थिरता का दावा किया।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग और ईवीएम पर आरोप बिना सबूत के उचित नहीं; जनता उनकी राजनीति समझ चुकी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिनेश प्रताप सिंह ने 26 सितंबर 2026 को लखनऊ में दावा किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का गठबंधन, चाहे जितने दावे करे, उत्तर प्रदेश की जनता के बीच सफल नहीं होगा।

गठबंधन को 'लठबंधन' करार

दिनेश प्रताप सिंह ने सपा-कांग्रेस गठजोड़ पर तंज कसते हुए कहा कि यह गठबंधन अब 'लठबंधन' में तब्दील हो चुका है। उनके अनुसार, एक दल सीट-बँटवारे की बात करता है तो दूसरा दल सीट देने से साफ इनकार कर देता है। उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों में उलझे दोनों दल यदि एक-दूसरे का साथ नहीं दे सके, तो उत्तर प्रदेश में उनके लिए चुनावी चुनौती और गहरी होगी।

सपा नेता शिवपाल यादव द्वारा कांग्रेस पर दिए गए हालिया बयान का हवाला देते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि खुद सपा के वरिष्ठ नेता का यह रुख दोनों दलों के बीच की दरार को उजागर करता है।

शिवपाल यादव के बयान पर निशाना

BJP नेता ने शिवपाल यादव के एक अन्य बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इससे 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की याद ताजा होती है — जिसे वे 'जंगलराज' का दौर बताते हैं। सिंह ने कहा, 'अब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। उत्तर प्रदेश में जंगलराज नहीं, योगी राज है और योगी राज ही चलेगा।' गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ 2017 से लगातार दो बार मुख्यमंत्री चुने जा चुके हैं।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद वे निराशा में हैं। सिंह के अनुसार, जब कांग्रेस किसी राज्य में चुनाव जीतती है, तब चुनाव आयोग और ईवीएम पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता — लेकिन हार के बाद चुनाव आयोग (ECI), ईवीएम और मतगणना एजेंटों को निशाना बनाया जाता है।

सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले ठोस तथ्य और सबूत सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता राहुल गांधी की राजनीति को भली-भाँति समझ चुकी है और उन्हें सत्ता में लौटने का अवसर 2047 से पहले नहीं मिलेगा।

UP 2027 का राजनीतिक समीकरण

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से डेढ़ साल से भी कम समय बचा है और विपक्षी दल अपनी सीट-बँटवारे की रणनीति तय करने में जुटे हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनावों में साथ लड़ा था, जब इंडिया ब्लॉक ने उत्तर प्रदेश में BJP को उल्लेखनीय नुकसान पहुँचाया था — एक तथ्य जिसे BJP के आलोचक इस दावे के संदर्भ में रेखांकित करते हैं।

आलोचकों का कहना है कि सपा-कांग्रेस के बीच तनाव की खबरें नई नहीं हैं और विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल सीट-बँटवारे पर सहमति बना सकते हैं। हालाँकि, BJP का यह दावा कि गठबंधन टूटने की कगार पर है, पार्टी की चुनावी कथा को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अगले कुछ महीनों में दोनों गठबंधनों की रणनीति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो BJP की 'गठबंधन फेल' वाली कथा को कमज़ोर करता है। दूसरी ओर, शिवपाल यादव जैसे नेताओं के बयान विपक्षी एकता पर सवाल ज़रूर उठाते हैं। असली परीक्षण यह नहीं कि BJP क्या दावा करती है, बल्कि यह कि 2027 तक सपा-कांग्रेस सीट-बँटवारा तय कर पाते हैं या नहीं — वही UP का राजनीतिक भविष्य तय करेगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश प्रताप सिंह ने UP 2027 चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने 26 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि UP 2027 विधानसभा चुनाव में NDA पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगा। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को 'लठबंधन' कहते हुए कहा कि आपसी मतभेदों के चलते यह गठजोड़ जनता का समर्थन नहीं जुटा पाएगा।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को 'लठबंधन' क्यों कहा गया?
दिनेश प्रताप सिंह ने तंज करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच सीट-बँटवारे पर गहरे मतभेद हैं — एक दल सीट माँगता है तो दूसरा देने से इनकार करता है। उन्होंने शिवपाल यादव के कांग्रेस पर दिए गए बयान को इसी दरार का प्रमाण बताया।
BJP ने राहुल गांधी के EVM और चुनाव आयोग पर उठाए सवालों पर क्या कहा?
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर EVM और चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाती है। उन्होंने राहुल गांधी से आरोप लगाने से पहले ठोस तथ्य और सबूत पेश करने की माँग की।
UP में 'जंगलराज बनाम योगी राज' की बहस क्यों उठी?
BJP नेता सिंह ने शिवपाल यादव के एक बयान को 2017 से पहले के 'जंगलराज' की याद दिलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में UP में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है और 'योगी राज' ही जारी रहेगा।
2024 लोकसभा चुनाव में UP में सपा-कांग्रेस गठबंधन का क्या प्रदर्शन रहा था?
2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने इंडिया ब्लॉक के तहत UP में BJP को उल्लेखनीय नुकसान पहुँचाया था। यही कारण है कि आलोचक BJP के 'गठबंधन फेल' के दावे को इस संदर्भ में चुनौती देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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