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सपा इंटरनल सर्वे में 70 सीटों पर सिमटी, कांग्रेस गठबंधन से पीछे हट रही: BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह

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सपा इंटरनल सर्वे में 70 सीटों पर सिमटी, कांग्रेस गठबंधन से पीछे हट रही: BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह

सारांश

BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह का बड़ा दावा — सपा के अपने इंटरनल सर्वे में पार्टी 2027 UP चुनाव में सिर्फ 70 सीटों पर सिमटती दिख रही है। इसी डर से कांग्रेस गठबंधन से पीछे हट रही है। PDA को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताकर अखिलेश पर भी जोरदार हमला।

मुख्य बातें

BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में दावा किया कि सपा के इंटरनल सर्वे में पार्टी 2027 UP विधानसभा चुनाव में करीब 70 सीटों तक सिमट सकती है।
उनके अनुसार, इस सर्वे की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के नेताओं ने सपा के साथ गठबंधन को लेकर अलग-अलग बयान देने शुरू कर दिए।
BJP नेता ने अखिलेश यादव की 'पीडीए' राजनीति को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' तक सीमित बताते हुए पार्टी पर पारिवारिक वर्चस्व का आरोप लगाया।
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि दलित और मुस्लिम, दोनों समाज अब सपा से दूरी बना रहे हैं।
उन्होंने 2027 UP चुनाव में एक बार फिर BJP की सरकार बनने का दावा किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिनेश प्रताप सिंह ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के एक आंतरिक सर्वेक्षण में पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में महज करीब 70 सीटों तक सिमटते दिखाया गया है। उनके अनुसार, इस सर्वे की जानकारी मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के नेताओं ने सपा के साथ गठबंधन से दूरी बनाने के संकेत देने वाले बयान देने शुरू कर दिए।

सर्वे और गठबंधन की दरकती नींव

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जैसे ही सपा के आंतरिक आकलन में पार्टी की स्थिति कमज़ोर नज़र आई, कांग्रेस नेताओं की तरफ से अलग-अलग और कुछ हद तक विरोधाभासी बयान सामने आने लगे। उन्होंने तर्क दिया, 'जिस पार्टी की स्थिति कमज़ोर होती दिखती है, उसके साथ कोई भी दल गठबंधन नहीं करना चाहता।' गौरतलब है कि सपा-कांग्रेस के बीच 2027 चुनाव को लेकर गठबंधन की अटकलें काफी समय से चल रही थीं।

अखिलेश यादव पर BJP का सीधा हमला

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति की बात करती है, लेकिन असल में पार्टी की कार्यशैली 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' तक सिमटी हुई है — यह उनके शब्दों में पार्टी के भीतरी सत्ता-केंद्रीकरण पर कटाक्ष था।

उन्होंने आगे दावा किया कि दलित समाज में सपा के प्रति गहरी नाराज़गी है। BJP नेता के अनुसार, सपा सरकार के कार्यकाल में दलित उत्पीड़न की घटनाएँ हुईं और दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाने के मामले भी सामने आए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान कई जिलों के नाम बदले गए, जिसे उन्होंने राजनीतिक एजेंडे के तहत बताया।

मुस्लिम मतदाताओं को लेकर दावा

दिनेश प्रताप सिंह ने यह भी दावा किया कि मुस्लिम समाज भी अब धीरे-धीरे समाजवादी पार्टी से दूरी बना रहा है। हालाँकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र सर्वेक्षण या आँकड़ा प्रस्तुत नहीं किया — यह BJP की राजनीतिक स्थिति है, न कि सत्यापित तथ्य।

2027 में BJP की वापसी का दावा

BJP नेता ने स्पष्ट रूप से दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। उनके शब्दों में, 'सपा कितने भी गठबंधन कर ले, भाजपा का गठबंधन जनता के साथ है।' उन्होंने यह भी कहा कि दलित और मुस्लिम समाज के लोग अब सपा की राजनीति को भलीभाँति समझ चुके हैं और नेतृत्व में कोई भी बदलाव उन्हें वापस आकर्षित नहीं कर सकता।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं। विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे को लेकर अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है। सपा और कांग्रेस के बीच 2024 लोकसभा चुनाव में गठबंधन हुआ था, लेकिन विधानसभा स्तर पर समीकरण अलग माने जाते हैं। दिनेश प्रताप सिंह के दावे BJP की स्थिति से आए हैं और सपा व कांग्रेस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

2024 लोकसभा में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने UP में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था, जो सिर्फ 70 सीटों की भविष्यवाणी के दावे को संदिग्ध बनाता है। 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' जैसी भाषा बताती है कि BJP, सपा को पारिवारिक पार्टी के रूप में फ्रेम करने की कोशिश तेज़ कर रही है — यह 2027 से पहले जनता की राय को प्रभावित करने का सुनियोजित प्रयास है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश प्रताप सिंह ने सपा के इंटरनल सर्वे के बारे में क्या दावा किया?
BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि सपा के अपने आंतरिक सर्वे में पार्टी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 70 सीटों पर सिमटती दिख रही है। यह दावा उनका व्यक्तिगत राजनीतिक बयान है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस सपा से गठबंधन क्यों नहीं करना चाहती — BJP का क्या तर्क है?
BJP नेता का तर्क है कि जैसे ही सपा के कमज़ोर प्रदर्शन की सर्वे रिपोर्ट सामने आई, कांग्रेस नेताओं ने सपा से दूरी बनाने वाले बयान देने शुरू कर दिए। उनका कहना है कि कोई भी पार्टी कमज़ोर साथी के साथ गठबंधन नहीं करना चाहती।
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव की 'पीडीए' राजनीति को क्या कहा?
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव की 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताया — यानी उनके अनुसार पार्टी की असल राजनीति परिवार तक सिमटी हुई है। यह सपा में पारिवारिक केंद्रीकरण पर BJP का कटाक्ष था।
2027 के UP चुनाव में BJP की क्या स्थिति दिनेश प्रताप सिंह ने बताई?
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP की सरकार दोबारा बनेगी। उन्होंने कहा कि सपा चाहे जितने गठबंधन कर ले, BJP का असली गठबंधन जनता के साथ है।
सपा-कांग्रेस के पिछले गठबंधन का क्या हाल रहा था?
2024 लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में I.N.D.I.A. गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों पार्टियों ने उल्लेखनीय सीटें जीती थीं। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक कोई औपचारिक सीट-बँटवारा समझौता नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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