पुतिन का बड़ा बयान: यूक्रेन संघर्ष अब समाप्ति की ओर, टाइमफ्रेम देने से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 29 मई 2026 को कहा कि यूक्रेन में जारी सैन्य संघर्ष की समाप्ति के संकेत युद्ध के मैदान से मिल रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन द्वारा रूसी छात्रों को निशाना बनाए जाने के बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई की थी।
पुतिन का मुख्य बयान
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी टास की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा, 'लड़ाई के मैदान में हालात ऐसे बन रहे हैं कि हमें यह कहने का हक है कि हालात खत्म होने वाले हैं।' हालाँकि, उन्होंने संघर्ष की समाप्ति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा बताने से साफ इनकार किया।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पुतिन ने कहा, 'टाइमफ्रेम के बारे में, मुझे लगता है कि आप और मेरे बाकी सभी साथी मेरा जवाब समझते हैं और समझेंगे। लड़ाई के दौरान कोई खास टाइमफ्रेम देना नामुमकिन है। यह न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि ऐसा प्रैक्टिकली कभी नहीं किया जाता है और मैं ऐसा नहीं करूंगा।'
बातचीत पर रूस का रुख
पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेन के साथ वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है और उसने कभी बातचीत से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा, 'हमने कभी बातचीत करने से मना नहीं किया है। हमने उन्हें रोका नहीं है; हम जारी रखने के लिए तैयार हैं।' साथ ही उन्होंने यह भी माना कि कुछ संपर्क बने हुए हैं, परंतु औपचारिक वार्ता अभी नहीं हो रही।
नाटो और यूरोप पर पुतिन के आरोप
पुतिन ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) पर पूर्व की ओर विस्तार न करने के वादे से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने यूक्रेन संकट की जड़ें 2014 के कीव तख्तापलट में बताईं और कहा कि इसी के चलते रूस को क्रीमिया के लोगों की रक्षा और बाद में डोनेट्स्क व लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक को समर्थन देने की आवश्यकता पड़ी। पुतिन के अनुसार, यूक्रेन में जो दुखद स्थिति बनी है, वह यूरोपीय देशों की नीतियों का परिणाम है।
लंदन में यूरोपीय देशों की अनौपचारिक बातचीत
टास ने एक कूटनीतिक सूत्र के हवाले से बताया कि लंदन में यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों के बीच यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए अनौपचारिक चर्चा हो रही है। सूत्र के अनुसार, इस बैठक में रूस के साथ संभावित समझौते, प्रतिबंध प्रणाली और अन्य संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
आगे क्या
यूक्रेन संघर्ष की समाप्ति को लेकर पुतिन के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। लंदन में यूरोपीय देशों की बैठक और रूस के बातचीत के लिए तैयार रहने के संकेत यह दर्शाते हैं कि आने वाले हफ्तों में इस संघर्ष की दिशा पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।