एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को शून्य: BJP सांसद तरुण चुघ का राहुल गांधी पर तीखा वार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तरुण चुघ ने 28 अक्टूबर 2026 को अमृतसर में विभिन्न राज्यों में संपन्न हुए एमएलसी (विधान परिषद) चुनावों के परिणामों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। चुघ ने कहा कि देशभर में 28 सीटों पर हुए इन चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट जीतने में नाकाम रही, और इसे उन्होंने जनता की 'वोट की चोट' से मिली सजा करार दिया।
चुनाव परिणामों पर चुघ का बयान
चुघ के अनुसार, बैलेट पेपर से संपन्न हुए इन एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी, जो झूठ बोलने की खेती करते हैं, उन्हें जनता ने जीरो दिया है। एक भी सीट कांग्रेस पार्टी एमएलसी चुनाव में नहीं जीत पाई।' चुघ ने यह भी कहा कि 'कांग्रेस एक्सपायरी डेट की इंजेक्शन की तरह है, जिसका कोई मतलब नहीं रह गया है।'
राहुल गांधी पर गंभीर आरोप
BJP सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार विदेश यात्राएँ करते हैं, भारत की न्याय प्रणाली को चुनौती देते हैं और देश की अदालतों को निर्देश देने का प्रयास करते हैं। चुघ ने कहा कि राहुल गांधी 'विदेशी आकाओं के इशारे पर' लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर हमला कर रहे हैं। ये आरोप राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।
पंजाब की कानून-व्यवस्था पर निशाना
एमएलसी चुनाव परिणामों के अलावा चुघ ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'पंजाब इस समय एक ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठा है।' चुघ के अनुसार, प्रदेश में रंगदारी, गुंडा टैक्स और पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हो रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान विदेश में छुट्टियाँ मना रहे हैं। उन्होंने भगवंत मान सरकार को पंजाब की जनता की सुरक्षा में 'पूरी तरह विफल' बताया।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव विधानसभा सदस्यों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों और अन्य निर्वाचकों द्वारा संपन्न होते हैं। इन चुनावों के नतीजे किसी भी पार्टी की राज्यों में जमीनी पकड़ का एक महत्वपूर्ण संकेतक माने जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस कई राज्यों में संगठनात्मक पुनर्निर्माण की कोशिश कर रही है। चुघ के बयान BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें राहुल गांधी को राष्ट्रीय विमर्श में घेरा जाता है।
आगे क्या
इन परिणामों के बाद कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति और विधान परिषद वाले राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे पर बहस तेज होने की संभावना है। BJP इन नतीजों को 2027 में होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले जनादेश के रूप में प्रस्तुत कर सकती है।