पंजाब विधानसभा चुनाव 2026: चुनाव आयोग ने सभी 23 जिलों की तैयारियों की समीक्षा की, 12 नवंबर से ईवीएम जाँच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के वरिष्ठ अधिकारियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 28 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब के सभी 23 जिलों की चुनावी तैयारियों का विस्तृत आकलन किया। यह समीक्षा बैठक आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों की व्यापक पड़ताल के दूसरे दिन आयोजित की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), पंजाब के कार्यालय ने इस बैठक के परिणामों की जानकारी सार्वजनिक की।
प्रतिनिधिमंडल की संरचना
समीक्षा बैठक में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त पवन कुमार शर्मा, उप निर्वाचन आयुक्त भानु प्रकाश येतुरु, महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल और महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना सम्मिलित रहे। यह प्रतिनिधिमंडल सीधे भारत निर्वाचन आयोग की ओर से भेजा गया था, जो राज्य में चुनावी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय निगरानी का संकेत है।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में राज्य के सभी 23 जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिलों की तैयारियों, व्यवस्थाओं और सुरक्षा योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इससे पहले चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय व राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ भी अलग से बैठक कर तैयारियों का जायज़ा लिया था।
आयोग के अधिकारियों ने चुनावी प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता, निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन, चुनाव-पूर्व गतिविधियों को समय पर पूरा करने तथा कानून-व्यवस्था और प्रवर्तन संबंधी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने पर विशेष बल दिया।
ईवीएम और वीवीपैट जाँच की तैयारी
समीक्षा के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की जाँच-प्रक्रिया पर एक प्रथम स्तरीय जाँच कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के विशेषज्ञों ने यह प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि राज्यभर में 12 नवंबर 2026 से ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू होगी। यह पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से संचालित होगी और प्रतिदिन संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में रहेगी। गौरतलब है कि ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर पिछले कई चुनावों में सवाल उठते रहे हैं, इसलिए इस बार आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया में जन-विश्वास बहाल करने की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब ने आयोग को आश्वस्त किया कि चुनाव से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पूरे किए जाएंगे। उनका कहना था कि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब की राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है और कई दल चुनावी तैयारियों में जुट चुके हैं। 12 नवंबर से शुरू होने वाली ईवीएम जाँच प्रक्रिया के बाद चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अपेक्षित है। आयोग की यह दो-दिवसीय गहन समीक्षा दर्शाती है कि पंजाब जैसे राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में चुनाव कराने को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग कोई चूक नहीं छोड़ना चाहता।