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उत्तरकाशी में EVM-VVPAT की FLC जांच 5 अक्टूबर से, ECIL के 10 इंजीनियर तैनात

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उत्तरकाशी में EVM-VVPAT की FLC जांच 5 अक्टूबर से, ECIL के 10 इंजीनियर तैनात

सारांश

उत्तरकाशी में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी परवान चढ़ी — EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच 5 अक्टूबर से शुरू होगी। ECIL के 10 इंजीनियर तैनात, सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े निर्देश जारी।

मुख्य बातें

उत्तरकाशी में EVM और VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) 5 अक्टूबर 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर के EVM वेयरहाउस में शुरू होगी।
ECIL के 10 तकनीकी इंजीनियर मशीनों की जांच करेंगे।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में 23 सितंबर 2026 को समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
पुलिस बल, DFMD , HHMD और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नियमित रूप से भेजना अनिवार्य।

विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों के क्रम में उत्तरकाशी जनपद में उपलब्ध सभी ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) का कार्य 5 अक्टूबर 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित EVM वेयरहाउस में शुरू होगा। इस जांच प्रक्रिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) की ओर से 10 तकनीकी इंजीनियर तैनात किए गए हैं।

समीक्षा बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा

बुधवार, 23 सितंबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में एफएलसी कार्य से जुड़ी व्यवस्थाओं और विभागीय तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जांच की रूपरेखा तय की गई।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि जनपद में उपलब्ध समस्त EVM और VVPAT मशीनों की तकनीकी जांच ECIL के इंजीनियरों द्वारा की जाएगी। यह जांच मतदान की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम है, जो चुनाव आयोग की मानक प्रक्रिया के तहत प्रत्येक चुनाव से पूर्व कराई जाती है।

सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के स्पष्ट निर्देश

जिलाधिकारी ने एफएलसी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा, साफ-सफाई, पेयजल और जलपान की व्यवस्था समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) की व्यवस्था, तथा अग्निशमन वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

गौरतलब है कि EVM वेयरहाउस एक अत्यंत संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठान होता है, और एफएलसी के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा मानक प्रक्रिया का अंग है। इस बार निर्देशों में विशेष रूप से आग से सुरक्षा के उपाय भी शामिल किए गए हैं।

पारदर्शिता और दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप तैयारियाँ समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफएलसी कार्य चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और सावधानी के साथ संपन्न किया जाए। साथ ही, कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नियमित रूप से भेजना अनिवार्य किया गया है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, वरिष्ठ कोषाधिकारी आशीष खुदलानी, अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग) डी.सी. नौटियाल, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण निर्माण विभाग) योगेंद्र कटारिया, जिला पूर्ति अधिकारी आशीष कुमार और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ जिला स्तर पर तेज़ हो चुकी हैं और चुनाव आयोग के निर्देशानुसार राज्य के सभी जनपदों में इसी प्रकार की एफएलसी प्रक्रियाएँ आयोजित की जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसका राजनीतिक महत्व भी कम नहीं — विशेषकर तब, जब विपक्ष EVM की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाता रहा है। उत्तरकाशी जैसे पहाड़ी और दूरदराज़ जनपद में पारदर्शिता सुनिश्चित करना न केवल प्रशासनिक ज़िम्मेदारी है, बल्कि मतदाताओं के भरोसे की बुनियाद भी है। दैनिक प्रगति रिपोर्ट की अनिवार्यता एक सकारात्मक कदम है, किंतु असली कसौटी यह होगी कि राजनीतिक दलों और आम जनता की निगरानी के लिए यह प्रक्रिया कितनी खुली रहती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरकाशी में EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच कब शुरू होगी?
उत्तरकाशी में EVM और VVPAT मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) 5 अक्टूबर 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित EVM वेयरहाउस में शुरू होगी। यह जांच विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत कराई जा रही है।
EVM की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) क्या होती है?
प्रथम स्तरीय जांच (FLC) चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित एक अनिवार्य तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें चुनाव से पहले सभी EVM और VVPAT मशीनों की कार्यक्षमता और तकनीकी दुरुस्ती की जाँच की जाती है। यह कार्य आमतौर पर ECIL या BEL के इंजीनियरों द्वारा किया जाता है।
ECIL के कितने इंजीनियर उत्तरकाशी में EVM जांच करेंगे?
इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के 10 तकनीकी इंजीनियर उत्तरकाशी में EVM और VVPAT मशीनों की जांच के लिए तैनात किए गए हैं। ये इंजीनियर मशीनों की पूर्ण तकनीकी समीक्षा करेंगे।
एफएलसी प्रक्रिया के दौरान क्या सुरक्षा व्यवस्था होगी?
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) और अग्निशमन वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही चिकित्सा, साफ-सफाई, पेयजल और जलपान की व्यवस्था भी की जाएगी।
उत्तरकाशी में EVM जांच की निगरानी कौन करेगा?
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नियमित रूप से भेजना अनिवार्य किया गया है, ताकि चुनाव आयोग के मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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