UPSC सिविल सर्विसेज प्री परीक्षा 2026: गौतमबुद्धनगर में 34 केंद्रों पर 24 मई को होगी परीक्षा, प्रशासन अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा 2026 के लिए गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। 24 मई 2026 को जनपद के 34 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और नकलमुक्त संचालन सुनिश्चित करने के लिए 22 मई को कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा बैठक का आयोजन
बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे ने की। इसमें सेक्टर मजिस्ट्रेट, लोकल इंस्पेक्टिंग ऑफिसर, केंद्र व्यवस्थापक और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए। UPSC द्वारा नामित अधिकारियों मनोज और भानु प्रताप ने भी परीक्षा संचालन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश साझा किए और आयोग के मानकों के अनुरूप परीक्षा संपन्न कराने पर जोर दिया।
परीक्षा का समय और संरचना
परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चलेगी। सभी अधिकारियों को UPSC के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कड़ाई
एडीएम प्रशासन मंगलेश दुबे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षार्थियों के प्रवेश के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सघन जाँच की जाए। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुनियादी सुविधाओं की जाँच के निर्देश
एडीएम ने सभी अधिकारियों को परीक्षा से पूर्व अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, बिजली आपूर्ति, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और समग्र सुरक्षा प्रबंध पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में उप जिलाधिकारी (सदर) आशुतोष गुप्ता, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप सिंह परमेश और प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की तैयारी
प्रशासन के अनुसार सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा निष्पक्ष एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। गौरतलब है कि UPSC की यह प्रारंभिक परीक्षा देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के लिए IAS, IPS और अन्य केंद्रीय सेवाओं का प्रवेश द्वार है, जिससे इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।