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गाजियाबाद में यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 संपन्न, 45 केंद्रों पर 62% उपस्थिति

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गाजियाबाद में यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 संपन्न, 45 केंद्रों पर 62% उपस्थिति

सारांश

गाजियाबाद के 45 केंद्रों पर यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026 शांतिपूर्वक संपन्न हुई। पहली पाली में 62.31% और दूसरी में 61.46% उपस्थिति रही। अभ्यर्थियों ने पेपर को विश्लेषणात्मक और मॉडरेट से कठिन बताया — 2023 के करेंट अफेयर्स और डिसीजन मेकिंग के प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे।

मुख्य बातें

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 गाजियाबाद के 45 केंद्रों पर रविवार, 25 मई 2026 को संपन्न हुई।
परीक्षा दो पालियों में हुई — सुबह 9:30 से 11:30 बजे और दोपहर 2:30 से 4:30 बजे IST ।
पहली पाली में 62.31% और दूसरी पाली में 61.46% अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मॉडरेट से कठिन बताया; इतिहास और निर्णय क्षमता के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे।
वर्ष 2023 के करेंट अफेयर्स से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए।
सभी केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रही।

गाजियाबाद में रविवार, 25 मई 2026 को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। हजारों अभ्यर्थियों ने दो पालियों में परीक्षा दी और बाहर निकलते ही प्रश्नपत्र के स्तर को मॉडरेट से कठिन बताया।

परीक्षा का आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था

परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई — पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे IST तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे IST तक चली। सभी 45 केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, एलआईयू अधिकारी और केंद्र व्यवस्थापक तैनात रहे। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षाकर्मी भी मुस्तैद रहे।

परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जमा होने लगी थी। प्रशासन की व्यापक तैयारी के चलते कहीं से भी किसी अनियमितता की सूचना नहीं आई।

उपस्थिति के आँकड़े

प्रशासन के अनुसार, पहली पाली में 62.31 प्रतिशत और दूसरी पाली में 61.46 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। यह आँकड़ा देशभर में यूपीएससी परीक्षाओं में दर्ज होने वाली औसत उपस्थिति के अनुरूप है। गौरतलब है कि यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में अनुपस्थिति दर परंपरागत रूप से ऊँची रहती है, क्योंकि लाखों अभ्यर्थी पंजीकरण के बाद परीक्षा नहीं देते।

अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया

अभ्यर्थी शिवम ने बताया कि परीक्षा का स्तर पिछले वर्षों की तरह ही चुनौतीपूर्ण रहा। उनके अनुसार, 'प्रश्नपत्र काफी लंबा था और कई सवालों में गहरी समझ तथा विश्लेषण क्षमता की आवश्यकता महसूस हुई।' उन्होंने यह भी कहा कि निर्णय क्षमता (डिसीजन मेकिंग) से जुड़े प्रश्न कठिन थे, लेकिन अच्छी तैयारी के कारण हल किए जा सके।

अभ्यर्थी शाइस्ता मलिक ने बताया कि इस बार वर्ष 2023 के करेंट अफेयर्स से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए। उन्होंने कहा, 'केवल लंबे समय तक पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पढ़ाई का तरीका अधिक महत्वपूर्ण होता है।' शाइस्ता ने यह भी साझा किया कि उन्होंने कोचिंग ली, जहाँ नियमित अभ्यास और गहन अध्ययन पर विशेष जोर दिया जाता है।

प्रश्नपत्र का पैटर्न

कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नों का पैटर्न विश्लेषणात्मक और अवधारणात्मक था। इतिहास विषय के प्रश्न कुछ अभ्यर्थियों को अपेक्षाकृत कठिन लगे, जबकि अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों ने पेपर को संतुलित और स्तरानुकूल बताया। यह ऐसे समय में आया है जब यूपीएससी पिछले कुछ वर्षों से प्रश्नों की विश्लेषण-आधारित प्रकृति को लगातार बढ़ा रहा है।

आगे की प्रक्रिया

प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर सफल अभ्यर्थी यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए योग्य होंगे। आयोग सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा के कुछ महीनों बाद परिणाम घोषित करता है। अभ्यर्थियों को यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र रखने की सलाह दी जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या अभी भी पुराने ढाँचे पर निर्भर हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026 कब और कहाँ हुई?
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार, 25 मई 2026 को गाजियाबाद के 45 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा दो पालियों में हुई — पहली सुबह 9:30 से 11:30 बजे और दूसरी दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे IST तक।
यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 में गाजियाबाद में उपस्थिति कितनी रही?
प्रशासन के अनुसार पहली पाली में 62.31 प्रतिशत और दूसरी पाली में 61.46 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। यूपीएससी परीक्षाओं में यह उपस्थिति दर सामान्य मानी जाती है।
यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 का पेपर कैसा था?
अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मॉडरेट से कठिन बताया। पेपर विश्लेषणात्मक और अवधारणात्मक था; इतिहास और निर्णय क्षमता (डिसीजन मेकिंग) के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे। वर्ष 2023 के करेंट अफेयर्स से भी कई प्रश्न पूछे गए।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026 के बाद आगे क्या होगा?
प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर सफल अभ्यर्थी यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए योग्य होंगे। आयोग सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा के कुछ महीनों बाद परिणाम घोषित करता है।
यूपीएससी परीक्षा 2026 की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों ने क्या सुझाव दिए?
अभ्यर्थी शाइस्ता मलिक के अनुसार नियमित पढ़ाई और विषयों की गहराई से तैयारी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि केवल लंबे समय तक पढ़ाई नहीं, बल्कि पढ़ाई का सही तरीका अधिक महत्वपूर्ण है — ऐसा अध्ययन जिससे विषय लंबे समय तक याद रहे।
राष्ट्र प्रेस
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