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मध्य प्रदेश PWD में गुणवत्ता गड़बड़ी: बुरहानपुर समेत 7 जिलों में जाँच, 4 अफसरों को नोटिस, ठेकेदार का पंजीयन निलंबित

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मध्य प्रदेश PWD में गुणवत्ता गड़बड़ी: बुरहानपुर समेत 7 जिलों में जाँच, 4 अफसरों को नोटिस, ठेकेदार का पंजीयन निलंबित

सारांश

मध्य प्रदेश PWD के औचक निरीक्षण में 7 जिलों के 34 कार्यों में गड़बड़ी उजागर हुई। बुरहानपुर में पुल और सड़क निर्माण की गुणवत्ता मानकों से नीचे मिली — 4 अफसरों को नोटिस और ठेकेदार का पंजीयन निलंबित। यह कार्रवाई विभाग की जवाबदेही अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने 7 जिलों में 34 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
बुरहानपुर में पंडारोल नाला पुल और हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क में गुणवत्ता की गंभीर कमियाँ पाई गईं।
4 अधिकारियों — दो अनुविभागीय अधिकारी, एक कार्यपालन यंत्री और एक उपयंत्री — को कारण बताओ नोटिस जारी।
ठेकेदार एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा का पंजीयन निलंबित करने के निर्देश।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता प्रमुख अभियंता (सड़क व पुल) आर.एल.

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा प्रदेशभर में कराए जा रहे निर्माण कार्यों के औचक निरीक्षण में गंभीर गुणवत्ता संबंधी खामियाँ सामने आई हैं। 9 जुलाई 2026 को आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और बुरहानपुर जिले में कार्यरत ठेकेदार एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा का पंजीयन निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

औचक निरीक्षण का दायरा और प्रक्रिया

विभाग के मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने रायसेन, पांढुर्णा, शिवपुरी, बुरहानपुर, उमरिया, मंदसौर एवं निवाड़ी जिलों में निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके कार्यों का अचानक निरीक्षण किया। रेंडम आधार पर कुल 34 निर्माण कार्यों की जाँच की गई, जिनमें लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, PIU के 6, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के 6 तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (BDC) का 1 कार्य शामिल था।

निरीक्षण प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा प्रमुख अभियंता (सड़क व पुल) आर.एल. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (MPRDC) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल और प्रमुख अभियंता (BDC) अजय श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी निरीक्षण दल ऑनलाइन उपस्थित रहे।

बुरहानपुर में दो बड़ी खामियाँ उजागर

समीक्षा में सर्वाधिक गंभीर स्थिति बुरहानपुर जिले में पाई गई। सुंदर नगर-कुंदन डेयरी रोड पर पंडारोल नाला पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल में गुणवत्ता की कमियाँ मिलने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

इसी जिले में हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी अपेक्षित मानकों पर खरी नहीं उतरी। इस मामले में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री को नोटिस जारी करने के साथ ही प्रमुख अभियंता इंदौर को ठेकेदार एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा का पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

विभागीय जवाबदेही का संदेश

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपना रही है। गौरतलब है कि औचक निरीक्षण की यह व्यवस्था विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में नियमित रूप से लागू की जा रही है, ताकि ठेकेदारों और अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जा सके। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक दोषी अधिकारियों के विरुद्ध केवल नोटिस से आगे बढ़कर ठोस दंडात्मक कदम न उठाए जाएँ।

आगे क्या होगा

नोटिस प्राप्त चारों अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज का पंजीयन निलंबन लागू होने के बाद वह एजेंसी नए सरकारी कार्यों के लिए अर्हता नहीं रखेगी। विभाग के अनुसार, प्रदेशभर में इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कारण बताओ नोटिस से आगे कोई ठोस परिणाम निकलेगा। सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की खामियाँ कोई नई बात नहीं — यह उस व्यापक समस्या का हिस्सा है जहाँ ठेकेदार और अधिकारी मिलकर मानकों से समझौता करते हैं और जाँच के बाद भी जवाबदेही सीमित रहती है। पंजीयन निलंबन एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जब तक दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही और वित्तीय वसूली नहीं होती, यह अभियान केवल कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह सकता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश PWD के निरीक्षण में क्या गड़बड़ियाँ पाई गईं?
7 जिलों में 34 निर्माण कार्यों के औचक निरीक्षण में गुणवत्ता मानकों से नीचे काम पाया गया। बुरहानपुर में पंडारोल नाला पर उच्च स्तरीय पुल और हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क में सबसे गंभीर खामियाँ सामने आईं।
किन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है?
बुरहानपुर जिले के दो मामलों में कुल 4 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं — दो अनुविभागीय अधिकारी, एक तत्कालीन कार्यपालन यंत्री और एक उपयंत्री। नोटिस का जवाब निर्धारित समयसीमा में देना अनिवार्य है।
किस ठेकेदार का पंजीयन निलंबित किया गया और क्यों?
बुरहानपुर में हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क पर काम कर रही एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा का पंजीयन निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि उसका कार्य अपेक्षित गुणवत्ता स्तर पर नहीं पाया गया।
यह निरीक्षण अभियान किसकी देखरेख में चला?
निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रमुख अभियंता (सड़क व पुल) आर.एल. वर्मा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई। MPRDC, भवन और BDC विभागों के प्रमुख अभियंता भी इसमें शामिल रहे।
इस कार्रवाई का असर आगे क्या होगा?
नोटिस प्राप्त अधिकारियों को जवाब देना होगा और विभागीय कार्यवाही हो सकती है। पंजीयन निलंबन के बाद मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज नए सरकारी ठेके के लिए अपात्र हो जाएगी। विभाग ने संकेत दिया है कि औचक निरीक्षण का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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