मुंबई में मानसून के बीच BMC की लेप्टोस्पायरोसिस एडवाइजरी, 24-72 घंटे में डॉक्टर से मिलने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने 9 जुलाई को मानसून के मौसम में बढ़ते लेप्टोस्पायरोसिस के खतरे को देखते हुए नागरिकों के लिए एक विस्तृत स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की। निगम के जन स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी कि मुंबई में जारी भारी बारिश और व्यापक जलजमाव के बीच दूषित पानी या कीचड़ के संपर्क में आने वाले लोगों को संक्रमण का गंभीर खतरा है, विशेषकर यदि उनके शरीर पर कोई कट या खरोंच हो।
लेप्टोस्पायरोसिस क्या है और खतरा क्यों बढ़ा
जन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के दूषित पानी और कीचड़ में लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया (स्पाइरोकीट्स) मौजूद हो सकते हैं, जो लेप्टोस्पायरोसिस रोग का कारण बनते हैं। ये बैक्टीरिया त्वचा की मामूली खरोंच या कट के ज़रिए भी शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। BMC ने स्पष्ट किया कि यह बीमारी गंभीर है और समय पर पहचान व उपचार न होने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। मुंबई में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के कारण शहर के अनेक इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे यह जोखिम और अधिक बढ़ गया है।
BMC की मुख्य सलाह और सावधानियाँ
निगम ने उन सभी नागरिकों से आग्रह किया है जो जमा हुए बारिश के पानी या कीचड़ से होकर गुज़रे हों, वे 24 से 72 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से डॉक्टर से परामर्श लें और बचाव की दवा (prophylaxis) लें। इसके अतिरिक्त, विभाग ने निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है:
जिन नागरिकों के पैरों पर कट या घाव हों, वे जलजमाव वाले क्षेत्रों में चलने से बचें। यदि चलना अनिवार्य हो तो रबर के जूते या अन्य सुरक्षात्मक जूते पहनें। बारिश के पानी के संपर्क के बाद पैरों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और सुखाएं।
नि:शुल्क उपचार कहाँ मिलेगा
BMC ने नागरिकों को सूचित किया है कि हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे क्लीनिक, BMC डिस्पेंसरी, स्वास्थ्य केंद्रों और नगर निगम के अस्पतालों में डॉक्टरी परामर्श, स्वास्थ्य जाँच और बचाव की दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग ने निवासियों से अपील की है कि वे परिवार, मित्रों और पड़ोसियों में भी इस बीमारी और शीघ्र उपचार के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं।
मानसून बुखार को नज़रअंदाज़ न करें
जन स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से आगाह किया है कि मानसून के दौरान बुखार को हल्के में न लें, क्योंकि यह लेप्टोस्पायरोसिस के अलावा डेंगू या मलेरिया का भी संकेत हो सकता है। बुखार या संबंधित लक्षण महसूस होने पर स्व-उपचार से बचें और तत्काल चिकित्सीय सलाह लें। गौरतलब है कि मुंबई में हर मानसून सीज़न में लेप्टोस्पायरोसिस के मामले सामने आते हैं, और इस वर्ष असाधारण रूप से भारी बारिश के चलते BMC ने पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है।
आगे क्या
BMC का जन स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर निरंतर नज़र रखे हुए है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर बिना देरी किए नज़दीकी BMC स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।