'भजन क्लबिंग' ट्रेंड पर PM मोदी का मेलबर्न में जिक्र, जेन-Z की आध्यात्मिक पहचान को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की युवा पीढ़ी में तेज़ी से उभर रहे 'भजन क्लबिंग' ट्रेंड का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति इस बात की मिसाल है कि आज का युवा भारत आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है।
मुख्य संबोधन: जेन-Z और 'भजन क्लबिंग'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आपने सुना होगा कि भारत में आजकल 'भजन क्लबिंग' का नया ट्रेंड चल रहा है। हमारी जेन-जी इसे आगे बढ़ा रही है।' यह टिप्पणी उस सांस्कृतिक बदलाव की ओर इशारा करती है जहाँ भारत के युवा क्लब-संस्कृति और भक्ति संगीत को एक साथ जोड़ रहे हैं — एक ऐसा मेल जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चित हो रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में युवाओं के बीच आध्यात्मिकता की ओर रुझान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, और 'भजन क्लबिंग' उसी व्यापक प्रवृत्ति का एक लोकप्रिय अभिव्यक्ति है।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक सक्रियता
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासी भारतीयों की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'यहाँ ऑस्ट्रेलिया में भी, मैंने सुना है कि आपके वीकेंड आस्था और आध्यात्मिकता से भरे होते हैं। कहीं किसी के घर में भगवान सत्यनारायण की कथा हो रही है, तो कहीं गुरुद्वारे में प्रार्थना, कहीं बच्चे भांगड़ा कर रहे हैं या भरतनाट्यम की प्रस्तुति दे रहे हैं, या फिर कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है।'
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और यह समुदाय वहाँ की सांस्कृतिक विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मेलबर्न भारतीय फिल्म महोत्सव और विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि अगले कुछ दिनों में मेलबर्न में भारतीय फिल्म महोत्सव का आयोजन शुरू होने जा रहा है। उन्होंने आयोजकों और प्रतिभागियों को अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।
इसके साथ ही उन्होंने विकसित भारत के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश 'ग्रो मोर, अचीव मोर' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है, जहाँ हर उपलब्धि नए और बड़े सपनों को जन्म देती है।
मार्वल स्टेडियम में उमड़ा उत्साह
मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में हज़ारों भारतीय मूल के लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी जैसे ही ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ मंच पर पहुँचे, पूरा स्टेडियम 'मोदी... मोदी...' के नारों से गूंज उठा।
उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएँ ही देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यही ऊर्जा भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है। इस भव्य आयोजन ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मज़बूत होते जनसंपर्क और सांस्कृतिक संबंधों की एक स्पष्ट झलक प्रस्तुत की।
आगे क्या
प्रधानमंत्री मोदी की यह ऑस्ट्रेलिया यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 'भजन क्लबिंग' जैसे सांस्कृतिक संदर्भों का वैश्विक मंच पर उल्लेख भारत की 'सॉफ्ट पावर' कूटनीति का हिस्सा माना जा सकता है, जो प्रवासी समुदाय के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को प्राथमिकता देती है।