नीदरलैंड में PM मोदी: द हेग में प्रवासी भारतीयों से बोले, 'आस्था और संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है आपकी'

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नीदरलैंड में PM मोदी: द हेग में प्रवासी भारतीयों से बोले, 'आस्था और संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है आपकी'

सारांश

द हेग में प्रवासी भारतीयों से मुखातिब होते हुए PM मोदी ने कहा कि दो महासागर पार करने के बाद भी भारतीय पहचान का जीवंत बने रहना किसी चमत्कार से कम नहीं। 140 करोड़ भारतवासियों की शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने प्रवासी समुदाय को भारत और नीदरलैंड के बीच जीवंत सेतु बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 16 मई को नीदरलैंड की यात्रा पर पहुँचे और द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित किया।
मोदी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों की कहानी 'सांस्कृतिक आस्था और संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी' है।
उन्होंने नीदरलैंड की जनता और सरकार को 140 करोड़ भारतवासियों की शुभकामनाएँ दीं।
मोदी ने सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की भूमिका को सराहा, जो भारतीय संस्कृति और संगीत को भावी पीढ़ियों तक पहुँचा रहे हैं।
यह दौरा भारत-यूरोप कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 मई को नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर पहुँचे और द हेग में भारतीय समुदाय द्वारा उनके सम्मान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रवासी भारतीयों की सांस्कृतिक जीवटता और उनके योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि यहाँ बसे भारतीय परिवारों की कहानी महज प्रवासन की कहानी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आस्था और तमाम संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है।

भारत जैसा माहौल, विदेशी धरती पर

कार्यक्रम में उमड़े जनसैलाब और उत्साह को देखकर प्रधानमंत्री भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, 'इतना प्यार और उत्साह... सच कहूँ तो कुछ देर के लिए मैं भूल ही गया था कि मैं नीदरलैंड में हूँ। ऐसे लग रहा है जैसे भारत में ही कहीं कोई फेस्टिवल चल रहा है।' यह टिप्पणी उपस्थित भारतीय समुदाय के लिए गर्व का क्षण बन गई।

नीदरलैंड की जनता और सरकार का आभार

मोदी ने नीदरलैंड की जनता और सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'आप नीदरलैंड के समाज और यहाँ की इकोनॉमी में जो देन हैं, उस पर हर भारतवासी को गर्व है। मैं यहाँ की जनता को 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ।' उन्होंने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि प्रवासी भारतीय भारत और नीदरलैंड के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाते हैं।

संस्कृति और संस्कारों की अटूट विरासत

प्रधानमंत्री ने कहा कि दो महासागर पार करने के बाद भी भारतीय पहचान इतनी जीवंत बनी रही — यह किसी ने सोचा नहीं था। उन्होंने कहा, 'आपके पूर्वज बहुत कुछ पीछे छोड़ गए, लेकिन कुछ चीजें उनके साथ रहीं — अपनी मिट्टी की खुशबू, त्योहार की संस्कृति, भजन की धुनें और पूर्वजों के संस्कार।' उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ अनेक संस्कृतियाँ मिट गईं, लेकिन भारत की विविध संस्कृति आज भी अपने लोगों के दिलों में धड़कती है।

भाषा और सामुदायिक रेडियो की भूमिका

मोदी ने कहा, 'परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले, अपनापन नहीं बदला। आपने डच भाषा को अपनाया, लेकिन पुरखों की भाषा को छोड़ा नहीं।' उन्होंने नीदरलैंड में भारतीय सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि इन माध्यमों से भारतीय संस्कृति और संगीत भावी पीढ़ियों तक पहुँच रहे हैं। उन्होंने इसे 'सराहनीय' बताया और समुदाय को अभिनंदन का अधिकारी करार दिया।

आगे का दौरा

प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विदेश में बसे भारतीय समुदाय को सॉफ्ट पावर के औज़ार के रूप में देखा जाता है। हालाँकि, इन भावनात्मक संबोधनों के समानांतर यह सवाल भी उठता है कि प्रवासी भारतीयों की व्यावहारिक समस्याओं — जैसे दोहरी नागरिकता की सीमाएँ, OCI कार्ड की बाधाएँ और विदेशों में भारतीय श्रमिकों की दशा — पर नीतिगत प्रगति कितनी हुई है। सांस्कृतिक गौरव का यह आख्यान निर्विवाद रूप से प्रभावशाली है, लेकिन इसे ठोस नीतिगत परिणामों से जोड़े बिना यह महज़ एक भावनात्मक अभ्यास बनकर रह सकता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी नीदरलैंड यात्रा पर क्यों गए हैं?
PM मोदी 16 मई को नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर पहुँचे, जिसका उद्देश्य भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना और प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद करना है। यह यात्रा भारत की यूरोप के साथ बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा मानी जा रही है।
द हेग में मोदी ने प्रवासी भारतीयों से क्या कहा?
मोदी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों की कहानी महज़ प्रवासन की नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आस्था और संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है। उन्होंने 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से नीदरलैंड की जनता को शुभकामनाएँ दीं और समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को संजोने के प्रयासों की सराहना की।
नीदरलैंड में भारतीय समुदाय का क्या योगदान है?
नीदरलैंड में बसे भारतीय मूल के लोग वहाँ के समाज और अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। PM मोदी ने इस योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इस पर हर भारतवासी को गर्व है।
मोदी ने सामुदायिक रेडियो का उल्लेख क्यों किया?
मोदी ने नीदरलैंड में भारतीय सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को सांस्कृतिक संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों के ज़रिए भारतीय संस्कृति, संगीत और परंपराएँ भावी पीढ़ियों तक पहुँच रही हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।
क्या मोदी ने नीदरलैंड सरकार से मुलाकात की?
स्रोत में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोदी ने द हेग में प्रवासी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित किया और नीदरलैंड की जनता व सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। द्विपक्षीय बैठकों का विस्तृत विवरण अभी सामने आना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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