नीदरलैंड में PM मोदी ने '16 मई 2014' की याद दिलाई, हॉल 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंजा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2026 को द हेग में प्रवासी भारतीयों के एक विशाल समागम को संबोधित करते हुए ठीक 12 वर्ष पूर्व के उस ऐतिहासिक दिन का स्मरण कराया, जब 16 मई 2014 को लोकसभा चुनाव के नतीजों ने दशकों बाद भारत में स्थिर एवं पूर्ण बहुमत वाली सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया था। जैसे ही उन्होंने यह बात कही, पूरा हॉल 'मोदी-मोदी' के नारों, जयकार और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मुख्य घटनाक्रम: '16 मई' का भावनात्मक क्षण
मोदी ने अपने संबोधन के दौरान अचानक कुछ पलों के लिए मौन धारण किया और फिर श्रोताओं से पूछा — 'सोचें कि क्या हुआ था 16 मई को।' इसके बाद उन्होंने कहा, 'आज 16 मई है, और यह दिन एक और वजह से बहुत विशेष है। आज से 12 वर्ष पहले 16 मई 2014 को कुछ खास हुआ था। 2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। दशकों बाद भारत में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था।' उन्होंने भावपूर्ण स्वर में जोड़ा, 'एक वो दिन था और एक आज का दिन है। कोटि-कोटि भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है।'
अहम् से वयम्: मोदी की व्यक्तिगत यात्रा
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को अपना परिवार बताते हुए कहा, 'मैं बहुत छोटी आयु में ही देशभक्ति के रंग में रंग गया। आप ही मेरे परिवार बन गए। अहम् से वयम् का रास्ता चुन लिया। फिर आपका सुख ही मेरा सुख बन गया और आपका कल्याण ही मेरा कर्तव्य बन गया।' उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि 13 वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में और 12 वर्ष प्रधानमंत्री के रूप में, लोकतांत्रिक विश्व में 25 वर्षों तक करोड़ों मतदाताओं का निरंतर समर्थन उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है।
भारत की आकांक्षाएँ और युवा शक्ति
मोदी ने भारत के युवाओं की असीमित आकांक्षाओं को देश की असली पूंजी बताया। उन्होंने कहा, 'आज हमारा भारत बहुत बड़ा सपना देख रहा है। आज देश कह रहा है — हमें सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं चाहिए, हमें बेस्ट चाहिए, हमें फास्टेस्ट चाहिए। इसलिए जब भारत में एस्पिरेशन अनलिमिटेड हैं, तो एफर्ट्स भी लिमिटलेस हो रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि भारत इस समय एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और देश ने हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी एआई समिट की सफलतापूर्वक मेज़बानी की, इससे पहले जी-20 शिखर सम्मेलन भी भारत में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ था।
नीदरलैंड दौरे का महत्व
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी 9 वर्षों (2017 के बाद) में पहली बार नीदरलैंड के दौरे पर पहुँचे हैं। यह यात्रा भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरे में व्यापार, प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, हरित ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
आगे की राह
द हेग में प्रवासी भारतीयों के बीच मोदी का यह संबोधन उनके नीदरलैंड दौरे का एक भावनात्मक पड़ाव रहा। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता के नतीजे यह तय करेंगे कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों में कितना ठोस बदलाव लाता है।