यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025: अभ्यर्थियों ने कहा — 'सवाल लंबे और वैचारिक थे, कट-ऑफ कम रह सकती है'
सारांश
मुख्य बातें
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई 2025 को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। पहली पाली की परीक्षा समाप्त होते ही अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिले-जुले भाव स्पष्ट दिखे — कुछ संतुष्ट, कुछ चिंतित। अभ्यर्थियों के अनुसार, इस बार सामान्य अध्ययन का प्रश्न पत्र मध्यम से कठिन स्तर का रहा।
प्रश्न पत्र का स्तर और मुख्य विषय
परीक्षा देकर लौटे अभ्यर्थियों के मुताबिक, सामान्य अध्ययन (GS Paper-I) में कई प्रश्न लंबे, घुमावदार और वैचारिक थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा। वहीं कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत सरल भी रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा का कठिनाई स्तर सीधे तौर पर मेरिट कट-ऑफ को प्रभावित करता है, इसलिए इस बार अभ्यर्थी पिछले वर्षों की तुलना में कुछ कम कट-ऑफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
प्रश्न पत्र में केंद्रीय बैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय मुद्दे, विदेश नीति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, करंट अफेयर्स, पर्यावरण और इतिहास से प्रश्न शामिल थे। अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार राजनीति विज्ञान से अपेक्षाकृत कम प्रश्न पूछे गए।
विभिन्न केंद्रों से अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
राजस्थान के अजमेर में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी शुभम ने कहा, 'पहला पेपर जनरल स्टडीज का था, जो बहुत कठिन था। पेपर में सेंट्रल बैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय मुद्दे और विदेश नीति से जुड़े प्रश्न थे।'
अभ्यर्थी वंश कुमावत ने बताया, 'इस बार साइंस-टेक, करंट अफेयर्स और पर्यावरण से जुड़े अधिक सवाल पूछे गए। इतिहास के ऐसे प्रश्न थे, जिन्हें बिना गहन अध्ययन के हल करना संभव नहीं था। पिछली बार की तुलना में इस बार पेपर बेहतर था।'
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में परीक्षा देने वाली एक अभ्यर्थी ने कहा, 'पेपर अच्छा गया। जिस तरह से तैयारी की थी, उसी अनुसार प्रश्न आए।' मध्य प्रदेश के इंदौर से परीक्षार्थी विशाल ने माना कि पेपर थोड़ा कठिन था और इस बार राजनीति से कम प्रश्न पूछे गए।
पंजाब के लुधियाना में परीक्षा देने वाले एक अभ्यर्थी ने कहा कि इस बार बेसिक प्रश्नों की संख्या कम थी। पहली बार परीक्षा देने वाली प्रियंका ने कहा, 'पेपर अच्छा गया और प्रश्न ठीक थे।'
सीएसएटी — दूसरा पेपर
सीएसएटी (CSAT Paper-II) की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:30 बजे समाप्त हुई। यह पेपर भी दो घंटे का रहा, जिसमें अभ्यर्थियों की तार्किक क्षमता और गणितीय समझ को परखा गया। यह पेपर क्वालिफाइंग प्रकृति का होता है।
आगे क्या होगा
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम सामान्यतः कुछ महीनों में घोषित होते हैं। जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे, वे मुख्य परीक्षा (Mains) में बैठने के पात्र होंगे। गौरतलब है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसके लिए लाखों अभ्यर्थी तैयारी करते हैं।