25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपीएससी प्रीलिम्स 2026: गुजरात में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा संपन्न, जियोपॉलिटिक्स पर रही अभ्यर्थियों की नज़र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपीएससी प्रीलिम्स 2026: गुजरात में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा संपन्न, जियोपॉलिटिक्स पर रही अभ्यर्थियों की नज़र

सारांश

यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 गुजरात में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। अभ्यर्थियों की नज़र जियोपॉलिटिक्स और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर टिकी रही। 3-4 साल की मेहनत के बाद परीक्षा हॉल में उतरे उम्मीदवारों को अब परिणाम और कट-ऑफ का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार, 24 मई को गुजरात सहित देशभर के केंद्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
परीक्षा स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई; अभ्यर्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जीएस पेपर-1 में जियोपॉलिटिक्स, अंतरराष्ट्रीय संबंध और करेंट अफेयर्स से सवालों की प्रबल संभावना जताई गई।
अभ्यर्थी खसरा ने 3-4 साल की तैयारी का उल्लेख किया; करन सूरतवाला रोज़ाना 8-10 घंटे पढ़ाई करते हैं।
सफल अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा (मेन्स) के लिए अर्हता प्राप्त करेंगे; उत्तर कुंजी और कट-ऑफ का इंतज़ार।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार, 24 मई को अहमदाबाद सहित गुजरात के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुँचे, और जनरल स्टडीज पेपर में जियोपॉलिटिक्स, अंतरराष्ट्रीय संबंधों तथा करेंट अफेयर्स से जुड़े सवालों को लेकर अभ्यर्थियों और जानकारों में विशेष उत्सुकता देखी गई।

परीक्षा केंद्रों पर माहौल

परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी। प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए। देशभर में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में गुजरात के केंद्रों पर भी अनुशासित और शांत वातावरण बना रहा। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर जागरूकता काफी बढ़ी है।

अभ्यर्थियों की उम्मीदें और तैयारी

महिला अभ्यर्थी खसरा ने बताया, 'मेरी तैयारी पिछले 3-4 सालों से लगातार चल रही है। जैसी तैयारी है, अगर पेपर उसी हिसाब से आया तो ठीक रहेगा। पिछली बार पेपर काफी कठिन था। इस बार देखते हैं कि पेपर कैसा रहता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएससी में थ्योरेटिकल विषयों को गहराई में जाकर और थोड़े ट्विस्ट के साथ पूछा जाता है, और इकोनॉमी, इतिहास तथा करेंट अफेयर्स से सवाल आने की उम्मीद है।

दूसरे प्रयास में परीक्षा दे रहे करन सूरतवाला ने कहा, 'यह मेरा दूसरा प्रयास है। जीएस पेपर की तैयारी पूरी तरह हो चुकी है। जो अंतरराष्ट्रीय विवाद और घटनाएँ चल रही हैं, उनसे जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। पेपर मॉडरेट से डिफिकल्ट लेवल का रह सकता है।' करन ने बताया कि वे रोज़ाना 8-10 घंटे की नियमित पढ़ाई करते हैं।

जीएस पेपर में जियोपॉलिटिक्स का दबदबा

इस बार जनरल स्टडीज पेपर-1 में जियोपॉलिटिक्स, अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारत की विदेश नीति और वैश्विक घटनाओं से जुड़े सवालों के आने की संभावना जताई गई। अभ्यर्थी इन विषयों पर विशेष ध्यान देते नज़र आए। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के मद्देनज़र यूपीएससी परीक्षाओं में इन विषयों का महत्त्व पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है।

आम जनता और परिजनों पर असर

परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजन भी प्रतीक्षारत दिखे। खसरा ने बताया कि उनके अभिभावकों को भी पूरी उम्मीद है — जैसी हर अभ्यर्थी के घरवालों को होती है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, और हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इसमें भाग लेते हैं।

आगे क्या

प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर सफल अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा (मेन्स) में प्रवेश पाएंगे। अभ्यर्थी अब उत्तर कुंजी और संभावित कट-ऑफ के इंतज़ार में हैं। यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जारी की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

माहौल शांत रहा' तक सिमट जाती है — लेकिन असली कहानी उन लाखों अभ्यर्थियों की है जो वर्षों की मेहनत के बाद एक ही दिन पर सब दाँव लगाते हैं। जियोपॉलिटिक्स पर बढ़ता ज़ोर यह भी संकेत देता है कि यूपीएससी का पाठ्यक्रम वैश्विक वास्तविकताओं के साथ कदमताल कर रहा है — जो सकारात्मक है। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे विषयों की गुणवत्तापूर्ण तैयारी तक पहुँच कितनी सुलभ है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 कब और कहाँ हुई?
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार, 24 मई को गुजरात सहित देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई। अहमदाबाद के केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 के जीएस पेपर में किन विषयों से सवाल आने की संभावना थी?
जनरल स्टडीज पेपर-1 में जियोपॉलिटिक्स, अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारत की विदेश नीति, वैश्विक घटनाएँ, इकोनॉमी और इतिहास से सवाल आने की संभावना जताई गई। अभ्यर्थियों ने इन विषयों पर विशेष फोकस किया।
यूपीएससी प्रीलिम्स के बाद आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा (मेन्स) के लिए अर्हता प्राप्त करेंगे। यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर कुंजी और परिणाम जारी किए जाएंगे।
यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में कितना समय लगता है?
अभ्यर्थियों के अनुसार यूपीएससी की तैयारी में आमतौर पर 3-4 साल लग सकते हैं और रोज़ाना 8-10 घंटे की नियमित पढ़ाई ज़रूरी होती है। यह देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है।
यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 में पेपर का कठिनाई स्तर कैसा रहने की उम्मीद थी?
अभ्यर्थी करन सूरतवाला के अनुसार पेपर मॉडरेट से डिफिकल्ट लेवल का रह सकता है। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि यूपीएससी में थ्योरेटिकल विषयों को गहराई और ट्विस्ट के साथ पूछा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले