यूपीटीईटी 2026: 60 जिलों में परीक्षा शुरू, बायोमेट्रिक-जैमर से लैस सुरक्षा व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 गुरुवार, 2 जुलाई से प्रदेश के 60 जिलों में एक साथ शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) द्वारा आयोजित यह परीक्षा 4 जुलाई तक कुल 5 शिफ्टों में संचालित होगी और इसके ज़रिए प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) तथा उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्तर पर शिक्षक बनने की पात्रता तय की जाएगी। परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेशभर में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी निगरानी और जैमर समेत कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रयागराज में परीक्षा 53 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई, जहाँ अभ्यर्थियों को सघन सुरक्षा जाँच के बाद ही प्रवेश दिया गया। उन्नाव में 7 केंद्रों पर 2,352 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि प्रतापगढ़ में 18 केंद्रों पर 44,700 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। अमेठी और लखनऊ में भी विभिन्न जिलों से आए उम्मीदवार निर्धारित केंद्रों पर समय से पहुँचे।
सुरक्षा व्यवस्था का स्वरूप
वाराणसी में परीक्षा पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा के बीच कराई जा रही है — बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, जैमर और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। गौरतलब है कि यूपीटीईटी पूर्व में पेपर लीक विवादों से घिरी रही है, जिसके मद्देनज़र इस बार सुरक्षा ढाँचे को विशेष रूप से मज़बूत किया गया है।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
जौनपुर से परीक्षा देने पहुँचे एक अभ्यर्थी ने कहा, 'मैं यूपीटीईटी की परीक्षा देने आया हूँ। यहाँ व्यवस्था बहुत अच्छी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। मेरा मानना है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति भी कराई जाएगी।' एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा, 'यहाँ की व्यवस्था काफी बढ़िया है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।' तीसरे परीक्षार्थी ने कहा, 'सुरक्षा व्यवस्था काफी अच्छी है। मेरी तैयारी पूरी है, लेकिन पेपर आसान होगा या कठिन, इसका पता परीक्षा देने के बाद ही चलेगा।'
आम जनता और अभ्यर्थियों पर असर
अधिकांश अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल रहा है। यह परीक्षा उन लाखों युवाओं के लिए निर्णायक है जो उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद के लिए पात्रता हासिल करना चाहते हैं।
क्या होगा आगे
परीक्षा 4 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। सभी 5 शिफ्टों के पूरा होने के बाद परिणाम की प्रक्रिया यूपीईएसएससी द्वारा शुरू की जाएगी। पात्रता प्रमाण-पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।