यूपीटीईटी 2026 का अंतिम दिन: 3,78,655 अभ्यर्थी परीक्षा में, 26 सॉल्वर पहले ही गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 का 4 जुलाई, शनिवार को तीसरा और अंतिम दिन है, जिसमें प्रदेशभर में 3,78,655 अभ्यर्थी प्राथमिक स्तर की परीक्षा दे रहे हैं। लखनऊ से लेकर प्रयागराज और महराजगंज तक सभी जिलों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा निर्बाध रूप से जारी है। परीक्षा के पहले दो दिनों में कुल 26 फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
परीक्षा का कार्यक्रम और अभ्यर्थी संख्या
अंतिम दिन प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा एक पाली में आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक दिया गया, जबकि परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। प्रयागराज जिले में 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड जाँच, बायोमेट्रिक सत्यापन, रेटिना स्कैन और पहचान पत्र मिलान अनिवार्य किया गया। प्रत्येक केंद्र पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों की तैनाती की गई है। सभी केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है, ताकि किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
प्रयागराज के एक अभ्यर्थी ने बताया, 'यहाँ सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी है और सभी इंतजाम अच्छे हैं। जाँच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।'
महराजगंज में भी शांतिपूर्ण माहौल
महराजगंज जिले में 20 परीक्षा केंद्रों पर पाँच पालियों में कुल 37,814 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार मुख्य द्वार पर पुलिस तलाशी, उसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन, प्रवेश पत्र स्कैनिंग और पहचान पत्र मिलान की बहुस्तरीय प्रक्रिया लागू है।
पहले दो दिनों में 26 सॉल्वर गिरफ्तार
गौरतलब है कि परीक्षा के पहले दो दिनों में प्रदेशभर में कुल 26 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए — पहले दिन 15 और दूसरे दिन 11 संदिग्धों को दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अंतिम दिन भी सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
आगे क्या
परीक्षा के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद परिणाम प्रक्रिया शुरू होगी। तीनों दिनों की परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर मामलों में विधिक कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य यूपीटीईटी 2026 को अब तक की सबसे पारदर्शी परीक्षा के रूप में स्थापित करना है।