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इंस्टाग्राम CSAM नोटिस: मेटा का जवाब मिलने के बाद सरकार तय करेगी अगला कदम — आईटी सचिव

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इंस्टाग्राम CSAM नोटिस: मेटा का जवाब मिलने के बाद सरकार तय करेगी अगला कदम — आईटी सचिव

सारांश

इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के ज़रिए CSAM फैलाने के आरोपों पर सरकार ने मेटा को नोटिस दिया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने स्पष्ट किया है कि मेटा का औपचारिक जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। मेटा ने AI-आधारित सुरक्षा उपायों का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है।

मुख्य बातें

MeitY ने बीते शनिवार को मेटा को इंस्टाग्राम पर CSAM से जुड़े पेड विज्ञापनों को लेकर औपचारिक नोटिस जारी किया।
कृष्णन ने 9 जुलाई 2026 को कहा कि मेटा के जवाब की समीक्षा के बाद ही अगला कदम तय होगा।
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को मेटा से स्पष्टीकरण माँगने का निर्देश दिया था।
मेटा ने ब्लॉग पोस्ट के ज़रिए AI-आधारित डिटेक्शन सिस्टम और विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया मज़बूत करने का आश्वासन दिया।
मंत्रालय को अभी तक मेटा का औपचारिक जवाब नहीं मिला है; जवाब मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई पर निर्णय होगा।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के ज़रिए बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को कथित तौर पर बढ़ावा देने के मामले में मेटा के औपचारिक जवाब की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को यह जानकारी सीआईआई जीसीसी बिजनेस समिट के दौरान दी।

मुख्य घटनाक्रम

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बीते शनिवार को मेटा को औपचारिक नोटिस जारी किया था। यह नोटिस उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें आरोप लगाया गया था कि इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के ज़रिए बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (CSAM) तक पहुँच आसान हो रही थी।

मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापनों और आपत्तिजनक कंटेंट को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। इससे पहले आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मेटा के प्रतिनिधियों को बुलाकर स्पष्टीकरण माँगा जाए।

सरकार की प्रतिक्रिया

कृष्णन ने समिट में कहा, 'हम उस नोटिस के औपचारिक जवाब का इंतजार करेंगे जो हमने जारी किया है और उसके बाद जवाब के आधार पर कोई फैसला लेंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय ने मेटा से इस समस्या से निपटने के लिए की गई कार्रवाइयों का ब्यौरा माँगा है।

गौरतलब है कि यह जाँच उन रिपोर्टों के बाद शुरू हुई जिनमें दावा किया गया था कि मेटा का रिकमेंडेशन एल्गोरिदम CSAM से जुड़े वीडियो को बढ़ावा दे रहा था, जिससे प्लेटफॉर्म के कंटेंट मॉडरेशन तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे।

मेटा का पक्ष

नोटिस मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट के ज़रिए अपना रुख स्पष्ट किया। कंपनी ने बच्चों के शोषण को 'भयानक अपराध' बताते हुए कहा कि वह आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान और उसे हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिटेक्शन सिस्टम और बड़े पैमाने पर लागू उपायों का इस्तेमाल करती है।

मेटा ने यह भी कहा कि वह तकनीक में निवेश जारी रखेगी, विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया को मज़बूत करेगी और युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपायों को और बेहतर बनाएगी। हालाँकि, मंत्रालय को अभी तक कंपनी का औपचारिक जवाब नहीं मिला है।

आम जनता और बच्चों पर असर

यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि इंस्टाग्राम भारत में करोड़ों युवा उपयोगकर्ताओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। CSAM जैसी सामग्री का पेड विज्ञापनों के ज़रिए प्रसार न केवल बाल सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियामकीय शिकंजा कसने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत बड़े प्लेटफॉर्म की जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश जारी है।

क्या होगा आगे

मंत्रालय मेटा के औपचारिक जवाब की प्रतीक्षा में है। जवाब मिलने के बाद सरकार तय करेगी कि क्या आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माना या अन्य नियामकीय कदम उठाए जाएँ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत में बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए एक नई नज़ीर स्थापित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस तात्कालिकता से मेल नहीं खाता जो CSAM जैसे गंभीर मामले में अपेक्षित है। मेटा का ब्लॉग पोस्ट एक PR प्रतिक्रिया अधिक लगती है — औपचारिक जवाब नहीं — और यह सवाल बना रहता है कि क्या कंपनी का AI सिस्टम वास्तव में पेड विज्ञापनों में CSAM को रोकने में सक्षम है। भारत में IT नियम 2021 के तहत बड़े प्लेटफॉर्म की जवाबदेही का ढाँचा मौजूद है, लेकिन उसके प्रभावी क्रियान्वयन की परीक्षा अब होगी। यदि मेटा का जवाब अपर्याप्त रहा, तो सरकार के पास कड़ी कार्रवाई का विकल्प है — और इस बार वैश्विक दबाव भी उसी दिशा में है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंस्टाग्राम CSAM नोटिस मामला क्या है?
भारत सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है क्योंकि इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के ज़रिए कथित तौर पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को बढ़ावा मिलने की रिपोर्टें सामने आई थीं। MeitY ने मेटा को ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।
सरकार मेटा के खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकती है?
आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, मेटा का औपचारिक जवाब मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी। IT नियम 2021 के तहत सरकार जुर्माना, सेवा प्रतिबंध या अन्य दंडात्मक कदम उठा सकती है।
मेटा ने इस मामले में क्या कहा है?
मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में बच्चों के शोषण को 'भयानक अपराध' बताया और कहा कि वह AI-आधारित डिटेक्शन सिस्टम और बड़े पैमाने पर सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करती है। कंपनी ने विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया मज़बूत करने और युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन भी दिया।
इस मामले में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की क्या भूमिका रही?
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मेटा के प्रतिनिधियों को बुलाकर इंस्टाग्राम पर CSAM के आरोपों पर स्पष्टीकरण माँगा जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि कंपनी से इस समस्या से निपटने के लिए की गई कार्रवाइयों का ब्यौरा लिया जाए।
CSAM क्या होता है और यह इतना गंभीर क्यों है?
CSAM यानी Child Sexual Abuse Material — बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री। यह भारत सहित दुनियाभर में गंभीर आपराधिक अपराध है। पेड विज्ञापनों के ज़रिए ऐसी सामग्री का प्रसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और बाल सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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