बीएड प्रवेश परीक्षा 2026: गौतमबुद्धनगर के 17 केंद्रों पर 31 मई को दो पालियों में होगी परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर में 31 मई 2026 को आयोजित होने वाली बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2026 के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। परीक्षा दो पालियों में जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई जाएगी, जिसे नकलविहीन और पारदर्शी बनाने को प्रशासन ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश
29 मई को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। परीक्षा संचालन से जुड़ी समस्त व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
एडीएम न्यायिक प्रियंका ने बैठक में स्पष्ट किया कि परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप समय से तैयारियाँ पूरी करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों की निगरानी व्यवस्था
एडीएम ने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि वे परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों तथा सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्यशील हों। किसी भी कमी की स्थिति में तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जाँच की जाए और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की अनुमति न दी जाए।
गाइडलाइन और मानकों की जानकारी
बैठक में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से आए प्रोफेसरों ने अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा संचालन से जुड़ी गाइडलाइन एवं मानकों की विस्तृत जानकारी दी। एडीएम ने केंद्र व्यवस्थापकों को इन दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने के निर्देश भी दिए, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, समस्त सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक परीक्षा से दो दिन पूर्व आयोजित की गई, जो प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती है।
गौरतलब है कि बीएड प्रवेश परीक्षा उत्तर प्रदेश के शिक्षक-प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में दाखिले की मुख्य प्रक्रिया है और इसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाग लेते हैं। परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा की गई यह तैयारी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष मूल्यांकन का अवसर देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।