नीट-यूजी 2026: मध्य प्रदेश में 283 केंद्रों पर 21 जून को परीक्षा, CM मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 16 जून 2026 को नीट-यूजी 2026 की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों पर 'पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटि-मुक्त संचालन' सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। यह परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर माध्यम से आयोजित होगी।
परीक्षा का विस्तार और केंद्रों की व्यवस्था
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) मध्य प्रदेश के 30 जिलों में फैले 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सर्वाधिक केंद्र निर्धारित किए गए हैं। मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता सटीक योजना और त्रुटिरहित क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।
सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था
हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर उठे विवादों की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 19 जून तक सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे और जैमर स्थापित कर दिए जाएं। इसके अतिरिक्त परीक्षा से एक दिन पूर्व सभी उपकरणों का ट्रायल रन अनिवार्य किया गया है, ताकि परीक्षा के दिन किसी तकनीकी बाधा की संभावना न रहे।
जबलपुर पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक में जबलपुर को विशेष प्राथमिकता दी गई, क्योंकि परीक्षा के दिन 21 जून को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जबलपुर दौरा भी निर्धारित है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को एक विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षार्थी बिना किसी देरी के अपने केंद्रों तक पहुँच सकें।
योग दिवस और परीक्षा का टकराव
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिससे यातायात और प्रशासनिक संसाधनों पर दोहरा दबाव पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परीक्षार्थी को परिवहन या यातायात संबंधी समस्याओं के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उपलब्ध सरकारी संसाधनों के माध्यम से छात्रों को केंद्रों तक पहुँचाने में सहायता की जाए।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री यादव ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा, 'नीट एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। सभी तैयारियाँ पहले से पूरी होनी चाहिए, और परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जानी चाहिए। किसी भी स्तर पर कोई चूक या त्रुटि नहीं होनी चाहिए।' गौरतलब है कि पिछले वर्षों में नीट परीक्षा कदाचार और पेपर लीक के आरोपों से घिरी रही है, जिसके बाद से राज्य सरकारें परीक्षा प्रशासन में अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा और परीक्षार्थियों की सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रहेगी।