3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट री-एग्जाम 21 जून: मध्य प्रदेश के 283 केंद्रों पर CM मोहन यादव ने की तैयारियों की समीक्षा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट री-एग्जाम 21 जून: मध्य प्रदेश के 283 केंद्रों पर CM मोहन यादव ने की तैयारियों की समीक्षा

सारांश

नीट विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने 21 जून की री-एग्जाम के लिए कमर कस ली है — 30 जिलों के 283 केंद्र, जैमर, विशेष बस सेवा और अभिभावकों के लिए रिफ्रेशमेंट सेंटर। CM मोहन यादव खुद व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे हैं।

मुख्य बातें

नीट री-एग्जाम 21 जून 2024 को मध्य प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
परीक्षार्थियों की जाँच सुबह 11 बजे से; जैमर व तकनीकी उपकरण तैनात किए जाएंगे।
प्रमुख शहरों में परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा ; केंद्रों के बाहर अभिभावकों हेतु रिफ्रेशमेंट सेंटर की व्यवस्था।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि इस बार पेपर लीक की संभावना 'बेहद कम' है।

मध्य प्रदेश में नीट री-एग्जाम 21 जून 2024 को 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय में है ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

परीक्षा की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों के प्रवेश की जाँच सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें रोल नंबर और पहचान-पत्र का सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर जैमर सहित अन्य तकनीकी उपकरण तैनात किए जाएंगे ताकि किसी भी अनुचित साधन के उपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।

मोहन यादव ने कहा, 'हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बच्चों को दोबारा किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।' उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को देखते हुए प्रमुख शहरों में विशेष बस सेवा की व्यवस्था की जाएगी।

अभिभावकों के लिए सुविधाएँ

परीक्षा केंद्रों के बाहर प्रतीक्षा कर रहे अभिभावकों के लिए रिफ्रेशमेंट सेंटर और प्रतीक्षा स्थल बनाए जाएंगे। यह कदम परीक्षा के दौरान अभिभावकों की असुविधा को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

जेडीयू का रुख — पारदर्शिता का दावा

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि इस बार नीट परीक्षा को पूर्णतः पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और कड़ी निगरानी के कारण पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना इस बार 'बेहद कम' है। राजीव रंजन ने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अन्य मुद्दों पर जेडीयू प्रवक्ता की प्रतिक्रिया

राजीव रंजन ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद पर कहा कि उन्हें बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में संवैधानिक हैसियत के अनुरूप आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा, 'बिहार में सभी फैसले नियमों और प्रक्रियाओं के तहत लिए जाते हैं।'

शिवसेना (यूबीटी) पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच नहीं मिल पा रही, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। फैसल खान और रोशन आनंद विवाद पर उन्होंने कहा कि पटना पुलिस मामले की निष्पक्ष जाँच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

आगे क्या होगा

नीट री-एग्जाम 21 जून को निर्धारित समय पर होना है और राज्य प्रशासन ने परीक्षा से पूर्व सभी व्यवस्थाएँ पूरी करने का लक्ष्य रखा है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो पूर्व में हुई अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुए थे। परीक्षा के परिणाम और उसकी निष्पक्षता पर पूरे देश की नज़र टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षण यह है कि ये इंतजाम कागज़ से ज़मीन तक कितने प्रभावी उतरते हैं। जेडीयू प्रवक्ता का 'पेपर लीक की संभावना बेहद कम है' वाला दावा आश्वस्त करने वाला है, पर यह सत्यापन-योग्य नहीं है — जब तक परीक्षा निर्विघ्न संपन्न न हो जाए। छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए घोषणाओं से अधिक परिणाम चाहिए।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में नीट री-एग्जाम कब और कहाँ होगी?
नीट री-एग्जाम 21 जून 2024 को मध्य प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थियों की पहचान जाँच सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
CM मोहन यादव ने नीट री-एग्जाम के लिए क्या तैयारियाँ की हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और जैमर, विशेष बस सेवा तथा अभिभावकों के लिए रिफ्रेशमेंट सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय में है।
नीट री-एग्जाम में पेपर लीक रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
परीक्षा केंद्रों पर जैमर सहित तकनीकी उपकरण तैनात किए जाएंगे और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई व कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन के अनुसार इन उपायों से पेपर लीक की संभावना 'बेहद कम' है।
नीट री-एग्जाम में अभिभावकों के लिए क्या सुविधाएँ होंगी?
परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए रिफ्रेशमेंट सेंटर और प्रतीक्षा स्थल बनाए जाएंगे ताकि वे परीक्षा समाप्त होने तक आराम से प्रतीक्षा कर सकें। प्रमुख शहरों में परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
नीट री-एग्जाम क्यों आयोजित की जा रही है?
पूर्व में हुई नीट परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के कारण प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा का अवसर देने के लिए नीट री-एग्जाम आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा देशभर के उन अभ्यर्थियों के लिए है जो पहले की परीक्षा में प्रभावित हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले