नीट री-एग्जाम 21 जून: मध्य प्रदेश के 283 केंद्रों पर CM मोहन यादव ने की तैयारियों की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में नीट री-एग्जाम 21 जून 2024 को 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय में है ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
परीक्षा की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों के प्रवेश की जाँच सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें रोल नंबर और पहचान-पत्र का सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर जैमर सहित अन्य तकनीकी उपकरण तैनात किए जाएंगे ताकि किसी भी अनुचित साधन के उपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।
मोहन यादव ने कहा, 'हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बच्चों को दोबारा किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।' उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को देखते हुए प्रमुख शहरों में विशेष बस सेवा की व्यवस्था की जाएगी।
अभिभावकों के लिए सुविधाएँ
परीक्षा केंद्रों के बाहर प्रतीक्षा कर रहे अभिभावकों के लिए रिफ्रेशमेंट सेंटर और प्रतीक्षा स्थल बनाए जाएंगे। यह कदम परीक्षा के दौरान अभिभावकों की असुविधा को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
जेडीयू का रुख — पारदर्शिता का दावा
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि इस बार नीट परीक्षा को पूर्णतः पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और कड़ी निगरानी के कारण पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना इस बार 'बेहद कम' है। राजीव रंजन ने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य मुद्दों पर जेडीयू प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
राजीव रंजन ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद पर कहा कि उन्हें बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में संवैधानिक हैसियत के अनुरूप आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा, 'बिहार में सभी फैसले नियमों और प्रक्रियाओं के तहत लिए जाते हैं।'
शिवसेना (यूबीटी) पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच नहीं मिल पा रही, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। फैसल खान और रोशन आनंद विवाद पर उन्होंने कहा कि पटना पुलिस मामले की निष्पक्ष जाँच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आगे क्या होगा
नीट री-एग्जाम 21 जून को निर्धारित समय पर होना है और राज्य प्रशासन ने परीक्षा से पूर्व सभी व्यवस्थाएँ पूरी करने का लक्ष्य रखा है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो पूर्व में हुई अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुए थे। परीक्षा के परिणाम और उसकी निष्पक्षता पर पूरे देश की नज़र टिकी है।