नीट परीक्षार्थियों को बड़ी राहत: बिहार CM सम्राट चौधरी ने दी मुफ्त सरकारी बस यात्रा की सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 23 मई 2026 को नीट परीक्षार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राज्य की सभी सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह निःशुल्क कर दी है। यह सुविधा उन सभी छात्र-छात्राओं को मिलेगी जो 21 जून को होने वाली नीट यूजी री-एग्जाम में शामिल होंगे। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और गया जैसे परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए दूरदराज के जिलों से आने वाले छात्रों को अब परिवहन खर्च की चिंता नहीं करनी होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा का पूरा विवरण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'नीट परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए, बिहार राज्य की सभी सरकारी बसों में यात्रा निःशुल्क रहेगी।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठों एवं मंदिरों तथा गैर-सरकारी संगठनों से अनुरोध है कि वे बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने सभी उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
प्रशासनिक तैयारियाँ
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सभी जिला मजिस्ट्रेटों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने सभी सरकारी बस डिपो को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं और परीक्षा वाले दिनों में अतिरिक्त बसें चलाने की भी व्यवस्था की जा रही है। बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर पेयजल, सत्तू, छाछ जैसे पौष्टिक पेय पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के प्रसिद्ध मठ-मंदिरों और एनजीओ से भी सहयोग की अपील की गई है।
नीट री-एग्जाम की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों की जाँच के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पहले निर्धारित नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद एनटीए ने 21 जून को री-एग्जाम की तारीख घोषित की। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देशभर में नीट यूजी परीक्षा की तैयारी जोरों पर है और छात्रों में अनिश्चितता का माहौल था।
छात्रों और अभिभावकों पर असर
बिहार से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नीट परीक्षा में भाग लेते हैं। कई छात्र दूरदराज के जिलों से पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया जैसे परीक्षा केंद्रों तक पहुँचते हैं, जहाँ परिवहन खर्च उनकी और उनके परिवार की बड़ी चिंता रहती है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से अभिभावकों और छात्रों दोनों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। यह कदम राज्य सरकार की शिक्षा-सहायक नीतियों की दिशा में एक व्यावहारिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या
परीक्षा के दिन सरकारी बसों में अतिरिक्त फेरे लगाए जाने की संभावना है। जिला प्रशासन को निर्देश मिल चुके हैं, और स्थानीय मठ-मंदिर तथा एनजीओ भी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए सक्रिय होंगे। 21 जून की परीक्षा तिथि को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं।