नीट परीक्षार्थियों को मुफ्त बस यात्रा दें सभी राज्य: केजरीवाल की अपील, पंजाब-हरियाणा-बिहार ने किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार, 24 मई 2026 को देशभर के मुख्यमंत्रियों से अपील की कि 21 जून को आयोजित होने वाली नीट यूजी पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों के लिए राज्य बस सेवाएँ निःशुल्क की जाएँ। पंजाब की पहल के बाद हरियाणा और बिहार पहले ही यह सुविधा देने की घोषणा कर चुके हैं।
केजरीवाल की अपील और पंजाब की पहल
केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर करीब एक मिनट का वीडियो साझा करते हुए हाथ जोड़कर सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'सभी मुख्यमंत्रियों से मेरी अपील है कि कृपया 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के लिए बस यात्रा मुफ्त कर दें।' पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे पहले ही इस राहत की घोषणा की थी, जिसके बाद केजरीवाल और मान ने संयुक्त रूप से एक वीडियो साझा किया था।
बिहार और हरियाणा की घोषणाएँ
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नीट परीक्षार्थियों के लिए राज्य की सभी सरकारी बसों में आवागमन निःशुल्क रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन, मठ-मंदिरों और गैर-सरकारी संगठनों से भी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग का आग्रह किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 20 और 21 जून को हरियाणा रोडवेज में नीट परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क यात्रा की घोषणा की है। विद्यार्थी अपना नीट एडमिट कार्ड दिखाकर यह सुविधा ले सकेंगे। सैनी ने कहा कि सभी युवाओं की सफलता सरकार की प्राथमिकता है।
नीट विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की प्रारंभिक जाँच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद परीक्षा को रद्द कर 21 जून को पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा प्रणाली पर पारदर्शिता को लेकर पहले से ही व्यापक बहस जारी है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि बिहार और हरियाणा ने पंजाब की राह अपनाई और उम्मीद जताई कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस दिशा में कदम उठाएँगे। यह अपील भाजपा शासित राज्यों को भी संबोधित है, जो इस मुद्दे पर AAP के साथ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रखते हैं। लाखों परीक्षार्थियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह पहल छात्रों के लिए राहत का संकेत है, हालाँकि अन्य राज्यों का रुख अभी स्पष्ट नहीं है।