नीट री-एग्जाम पर तेजस्वी यादव का हमला: 'युवाओं को परीक्षा के लिए सेना बुलानी पड़ रही है'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने 20 जून को पटना में नीट-यूजी विवाद पर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब एक परीक्षा कराने के लिए वायु सेना और भारतीय सेना की मदद लेनी पड़ रही हो, तो यह सरकार की विफलता का प्रमाण है। 21 जून को होने वाली नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले बिहार सरकार ने परीक्षार्थियों के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की है।
तेजस्वी का केंद्र पर हमला
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, 'कितने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो चुका है और अभी भी खतरे में है। इस सरकार में युवा सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले में अब तक किसी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जो सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
तेजस्वी ने छात्रों की आर्थिक परेशानियों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, परीक्षार्थियों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, बल्कि आवागमन की उचित व्यवस्था भी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी पार्टी ने वादा किया था कि परीक्षा रद्द होने पर यात्रा खर्च ब्याज समेत वापस किया जाएगा।
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का दावा
राजद नेता ने अपने उप-मुख्यमंत्री कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा, '17 महीने में हम लोगों ने 5 लाख युवाओं को नौकरियाँ दीं।' उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 'बेईमानी से' सरकार बनाई गई। साथ ही उन्होंने मांग की कि नीट मामले में जो दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
तेजस्वी ने रविवार को परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार को पेपर लीक के मामले में गंभीरता दिखानी होगी, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
बिहार सरकार की व्यवस्था
बिहार सरकार में मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि 21 जून को नीट परीक्षा के लिए पूरे बिहार से हजारों परीक्षार्थी विभिन्न केंद्रों पर पहुँचेंगे। इसके लिए परिवहन विभाग और बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम ने विशेष प्रबंध किए हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी सरकारी बसों में परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों को बस कंडक्टर को अपना एग्जाम एडमिट कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वास्तविक परीक्षार्थी ही इसका उपयोग करें। रावत ने कहा, 'सभी छात्रों को परीक्षा की ढेर सारी शुभकामनाएं। हमारी बसें आपके लिए उपलब्ध हैं, बेझिझक यात्रा करें और अच्छे से परीक्षा दें।'
नीट विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रक्रिया पर व्यापक सवाल उठे थे, जिसके चलते कुछ केंद्रों पर री-एग्जाम का आदेश दिया गया। यह मामला देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता का विषय बना हुआ है। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर विपक्ष ने केंद्र को घेरा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि री-एग्जाम के बाद सरकार पेपर लीक के दोषियों पर क्या कार्रवाई करती है और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।